दरभंगा के इस अस्पताल में डॉक्टर नहीं ‘बाउंसर’ इलाज करते हैं !

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दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट

दरभंगा में सरकारी अस्पताल की बदहाली और निजी अस्पतालों की मनमानी कोई नई बात नही रह गयी है। मरीज के परिजन यदि शिकायत करे तो अब उन्हें गुंडों से भी पिटवाया जाता है। कुछ ऐसा ही मामला मंगलवार को भी सामने आया है शहर के दोनार स्थित हेरिटेज हॉस्पिटल में। पीड़ित घायल मधुबनी जिले के फुलपरास निवासी रामलखन मंडल ने आरोप लगाया है कि अपनी मां का इलाज कराने के लिए हेरिटेज हॉस्पिटल लेकर आये और 1 नवम्बर को एडमिट करवाया।

 

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परंतु कोई सुधार नही देखकर रिसेप्शन पर जाकर डिस्चार्ज के लिए कहा। रिसेप्शनिस्ट ने डॉक्टर के आने के बाद उनके द्वारा लिख देने के बाद ही डिस्चार्ज करने का नाम कहा। डॉक्टर के 15 मिनट में आने का नाम कहा पर करीब घण्टा भर बीत जाने पर भी डॉक्टर नहीं आये तो श्री मंडल ने एक कंपाउंडर से लिखवा लिया। इसके बाद दवा का पैसा जमा करवाने को कहा गया जो उन्होंने जमा करवा दिया। पर जब उनके बिल में एक्स्ट्रा चार्जेज के रूप में काफी बड़ा अमाउंट दिखा तो उन्होंने सवाल उठा दिया कि कोई टेस्ट हुआ नही तो एक्स्ट्रा चार्ज क्यों देंगे। इसी पर विवाद बढ़ गया और अस्पताल कर्मियों ने इनपर हमला बोल दिया। एक अस्पताल कर्मी ने काम कर रहे बढ़ई का हथौड़ा लेकर सर पर मार दिया जिससे रामलखन मंडल का सर फट गया और खून बहने लगा।

 

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इसके बाद हंगामा होने पर बेंता ओपी की पुलिस भी पहुंची और घायल को इलाज केलिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। सर्वविदित है कि शहर के निजी अस्पतालों पर रसूखदारों का रुआब रहता है, इसलिए कोई कारवाई नही होती है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर दरभंगा के मरीज करें तो क्या करें। सरकारी अस्पतालों में कुव्यवस्था के चलते इलाज कराने में डर लगता है तो शहर का नामचीन प्राइवेट अस्पतालों के स्टाफ बाउंसर जैसा व्यवहार करते हैं।