सुशासनी प्रचार के शोर में दबा दी गई थी बच्चियों की कराह: मिसा भारती

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ बार-बार दुष्कर्म की घटना ने पुरे देश को झकझोर के रख दिया है। पटना से लेकर दिल्ली तक इस घटना की घोर भर्त्सना हो रही है। साथ ही राज्य सरकार और प्रशासन पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सवाल उठे भी क्यों नहीं ? अपराधियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है, अनाथ लड़कियों के लिए बनी बालिका गृह में जिसे सरकारी संरक्षण प्राप्त है।

राज्यसभा सांसद और राजद नेत्री मिसा भारती किसी भी घटना पर बहुत ही सधी हुई प्रतिक्रिया देती हैं। मंगलवार सुबह उन्होंने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि “मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हुए 40 बच्चियों के साथ लगातार हुए यौन की जानकारी बिहार सरकार को 15 मार्च से ही थी। क्या कारण है कि सरकार इसपर लगातार लीपापोती ही करती रही? ”

देर शाम उन्होंने फिर से एक ट्विट करते हुए लिखा है कि “अगर न्यायिक जाँच आयोग गठित करके बिहार के हर बालिका सुधार गृह, अनाथालय की अंधेरी तहें टटोली जाएँ तो सुशासनी प्रपंच के कई काले नाग सिलवटों में छुपे नज़र आ जाएँगे। कराह पहले भी उठे थे पर सुशासनी प्रचार के शोर में दबा दी गईं। मुजफ्फरपुर बालिका गृह की जाँच भी सृजन की ही बानगी न बने!

बता दें कि बिहार विधानमंडल के दोनों सदन में भी इस मामले पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है। वहीं, सत्तापक्ष का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही इसके आरोपियों को सजा दी जाएगी।