अल्पावास गृह या “यौन शोषण केंद्र” ! मुजफ्फरपुर, छपरा के बाद अब हाजीपुर…

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बिहार के विभिन्न अल्पावास गृहों में लगातार नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण की घटना सामने आ रही है। मुजफ्फरपुर और छपरा के बाद अब हाजीपुर अल्पावास गृह की लड़कियों ने भी यौन शोषण का आरोप लगया है। बालिकाओं ने जिला परियोजना प्रबंधक पदाधिकारी मनमोहन प्रसाद सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। घटना नगर थाना के बाग दुल्हन मोहल्ले की है। इन घटनाओं को देखकर तो ऐसा लगता है कि अल्पावास गृह न होकर “यौन शोषण केंद्र” हो।

लड़कियों का आरोप है कि जांच के नाम पर डीपीओ मनमोहन प्रसाद सिंह अल्पावास गृह आकर लड़कियों के साथ अश्लील हरकत करते थे और मुंह खोलने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती थी। पीड़ित लड़की ने यहां तक बताया कि मना करने पर उन्होंने एक पीड़ित लकड़ी के कपड़े भी फाड़ दिए। लड़कियों का कहना है कि आरोपी अधिकारी अकेले कमरे में आ जाते थे और हाथ पैर दबाने के लिए दबाव बनाते थे और फिर अश्लील हरकत करते थे।

अल्पावास गृह की संचालिका करूणा कुमारी का कहना है कि जांच के नाम पर अधिकारी सभी स्टाफ को नीचे रहने का निर्देश देते थे और अल्पावास गृह के ऊपर के कमरे में जांच के नाम पर अकेले चले जाते थे। लड़कियों का आरोप है कि यह कारनामा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन जब सरकार की ओर से इस अल्पावास गृह को समस्तीपुर तबादला किए जाने का आदेश आया उसके बाद लड़कियां अधिकारी के खिलाफ भड़क गईं और अल्पावास गृह का काला सच का उजागर कर दिया।

गौरतलब है कि PMCH की चिकित्सकों की टीम ने मुजफ्फरपुर के रिमांड होम में 7 साली की बच्ची समेत 29 नाबलिकाओं के साथ रेप पुष्टि किया है। जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार को ही मुजफ्फरपुर पुलिस को भेज दी गई है।