भरत चरित्र से ही घरों में आएगी खुशहाली: सुनील मिश्रा

Advertisement

वरुण कुमार ठाकुर की रिपोर्ट

दरभंगा जिले के सिंघवारा प्रखण्ड के ऐतिहासिक बाबा बटेश्वर नाथ धाम में सात दिवसीय गणेश पूजा सह श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन की कथा में कथा व्यास आचार्य श्री सुनील मिश्रा ने कहा कि रामचरित मानस में भरत का चरित्र सभी के लिए प्रेरणादायी है। अपने बड़े भ्राता के प्रति भरत का प्रेम ही था, जो उन्होंने राज सिंहासन ठुकरा दिया। इसी तरह भक्ति हो तो फिर प्रहलाद जैसी।

उन्होंने कहा कि कलियुग में अधिकतर घरों में अशांति और क्लेश है,जिसका कारण परिजनों में प्रेम का अभाव। घरों में शांति व खुशहाली के लिए भरत चरित्र का अनुसरण करना होगा।श्री मिश्रा ने कहा कि श्रीराम के वनवास के दौरान चौदह वर्षों तक भरत ने अनवरत तपस्या की। उन्होंने एक तपस्वी की भांति अयोध्या का राजकाज चलाया। रामायण में भरत का चरित्र सबसे अलग है।

नरसिंह अवतार की चर्चा करते हुए भक्त प्रहलाद का प्रसंग सुनाया। कहा कि प्रहलाद के पिता ईश्वर को नहीं मानते थे। वह स्वयं को ही सर्वश्रेष्ठ मानते थे लेकिन उनका पुत्र प्रहलाद भगवान का सच्चा भक्त रहा। प्रहलाद को यातनाएं दी गईं लेकिन वह फिर भी अपनी भक्ति के प्रति अडिग रहा। उसकी भक्ति का ही परिणाम रहा कि भगवान को उसकी रक्षा करने और अत्याचारी हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए अवतार लेना पड़ा भगवन की वराह अवतार कथा का अपने मुख्यबिंद से रसपान करवाएं.

वहीं भजन संध्या में मिथिला के सुप्रसिद्ध गायक बमबम झा ने अपने मधुर आवाज से श्री कृष्ण की भजन गाकर भक्तो को मंत्रमुग्ध का दिया।इस मौके पर पूजा समिति के संरक्षक सुजीत रॉय, अध्यक्ष मनोज चौधरी,कोषाध्यक्ष शेखर बिहारी,सचिव रविन्दर भगत,प्रेम भगत रिझन राय, कुमार अभिषेक,राजू राउत,रामकुमार कुशवाहा,रंजीत ठाकुर,दिनबंधु राउत पवन पांडेय,ज्ञानेन्दू पांडेय,राजेश राउत,संजय सिंह,अनिल महराज,राजीव भगत भक्तो के सेवा-सत्कार में लगे रहे ।