प्रेमचंद जयंती समापन पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन ल.न.म.यु में शांति के साथ सम्पन हुआ!

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बरुण ठाकुर की रिपोर्ट-
दरभंगा में, प्रेमचंद जयंती समापन पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन आज 2 सितंबर 2018 को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के बहुदेशीय भवन में प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम की शुरुआत नृत्य पंढरपुर कल आश्रम दरभंगा की अमृता राय आस्था गौतम और नंदनी कुमारी के समूह गान से हुई और स्वागत भाषण प्रेमचंद जयंती समारोह समिति के सचिव लाल कुमार द्वारा प्रस्तुति किया गया । मुख्य अतिथि डब्लू आई.टी के निदेशक डॉ एम नेहाल ने ने प्रेमचंद साहित्य को समाज से जोड़ने में इस कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए संवाद विकसित करने पर बल दिया ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष प्रोफ़ेसर प्रभु नारायण झा ने जहां प्रेमचंद साहित्य का अधिकाधिक अध्ययन करने की अपील बच्चों से की वही विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद सुमन ने प्रेमचंद साहित्य अंतर्निहित क्रांति के संदेशों को रेखांकित किया विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चंद्रभानु प्रसाद सिंह ने मानवीय नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों के विकास में प्रेमचंद साहित्य के अध्ययन आवश्यक बतलाया अवसर पर विचार व्यक्त करने वालों में प्रोफेसर ईश्वर चंद्र वर्मा डॉ हीरालाल सहनी डॉ प्रभास चंद्र मिश्र ,डॉ अवनींद्र कुमार,सुनील मंजुल ,डॉ शोभा कुमारी,उमेश कुमार शर्मा डॉ मित्र नाथ झा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।

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बतौर मुख्य वक्ता सेव एजुकेशन कमिटी के राज्य संयोजक राज कुमार चौधरी ने कहां की आज समाज जब टूट और बिखराव के दौर से गुजर रहा है जब परिबरिक रिस्ते टूट रहे है ऐसे में प्रेमचंद के साहित्य को केंद्र में रखकर आयोजित प्रतियोगिता का महत्व असीम है।उन्होंने प्रेमचंद साहित्य में निहित मानवीय व इन्सानी मूल्यों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके।अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर धर्मेन्द्र कुमर ने वर्तमान समय में बाजारवाद के बढ़ते प्रभाव और देश के अंदर पैदा हो रही फांसीवादी सांप्रदायिक माहौल में प्रेमचंद साहित्य अध्ययन को जरूरी जरूरी बताया ताकि मानवीय संवेदनाओं को और मूल्यों के साथ-साथ प्रगतिशील सोच के विकास के लिए अभिप्रेरणा एवं उत्पीड़न प्राप्त हो सके कार्यक्रम के दूसरे चरण में निहार पंढरपुर कल आश्रम और अनुरागिनी शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों द्वारा नृत्य एवं संगीत का भव्य एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसे लोगों ने काफी सराहा करीब ढाई घंटे तक कार्यक्रम तीसरा चरण में विगत 22 जुलाई 2018 को स्थानीय एवं कॉलेज में बाल-बाल से लेकर स्नातक स्तर तक के छात्र छात्राओं के बीच आयोजित विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में 300 से भी अधिक सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया सर्वाधिक संख्या में सौभाग्य था के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल दरभंगा और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल दरभंगा उत्तम शिक्षण संस्थान के रूप में पुरुस्कृत किया गया