23 अगस्त, 2017
To Advertise on this Website call Us on 9155705448, 8130906081
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

बिहार के बेस्ट कपल : अश्विनी झा-रितु की जोड़ी की कामयाबी की कहानी

Best-Cuple

पंकज प्रसून की रिपोर्ट
नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2017

प्रिय साथियों, newsofbihar.com आज से प्रत्येक रविवार को एक बेहद खास सीरीज ‘बिहार के बेस्ट कपल’ की शुरुआत करने जा रहा है। प्रत्येक रविवार को हम आपको एक ऐसे कपल की कहानी बताएंगे जिनपर पूरे बिहारवासियों को गर्व महसूस हो सकता है। आज इस सीरीज की शुरुआत करने जा रहे हैं अश्विनी झा और रितु झा की कहानी से…हां एक और बात..अगर आपको भी लगता है कि आपके आसपास किसी ऐसे कामयाब कपल की कहानी है तो हमें जरूर बताइयेगा…आप हमें मेल कर सकते हैं info@newsofbihar.com या infonewsofbihar@gmail.com पर। आप हमें 7462040848 पर व्हाट्सएप भी कर सकते हैं। हम आपके नाम के साभार के साथ ‘बिहार के बेस्ट कपल’ सीरीज में कहानी को प्रकाशित करेंगे।

Best-Cuple01

कहते हैं कि हर कामयाब पुरुष के पीछे एक स्त्री का हाथ होता है हालांकि हमारा मानना है कि बदलते वक्त के साथ अब ये कहावत भी पुरानी हो गई है। आज के दौर में कामयाबी पर स्त्री-पुरुष दोनों का समान हक है और इसकी शुरुआत होती है हमारे और आपके घर से। वो दौर बीत चुका है जब पुरुष कमाते थे और महिलाएं घर संभालती थी…आज के समय में घर संभालने का काम पति और पत्नी दोनों मिलकर करते हैं और कमाई में भी दोनों की सहभागिता रहती है। बिहार के बेस्ट कपल सीरीज की शुरुआत अश्विनी झा और रितु झा से करते हैं तो सबसे पहले आप सबों का दोनों से परिचय करवा दें। अश्विनी झा बिहार के दरभंगा जिले के सझुआर गांव के मूल निवासी हैं वहीं पर अश्विनी झा की पत्नी रितु झा सहरसा जिले के बधवां गांव की रहने वाली हैं। अश्वनी झा रैपिड एक्शन फोर्स के सेकेंड इन कमांडेंट ऑफिसर हैं और वर्तमान में झारखंड के जमशेदपुर में तैनात हैं। रितु झा दूरदर्शन की एंकर रह चुकी हैं और फिलहाल रेडियो जॉकी का काम करती हैं।

ये भी पढे़ं:-   वीडियोः 'शिक्षा मानव जीवन को सफल व सार्थक बनने में अहम् भूमिका निभाती हैः डॉ. गोविन्द

अश्विनी-रितु की उपलब्धियों पर एक नजर

Best-Cuple03

#. हाल ही में वर्ल्ड स्काउट डे के मौके पर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ए एन वोहरा ने देश की राजधानी नई दिल्ली में अश्विनी झा को लॉर्ड बेडेने पावेल नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। हम आपको बता दें कि इसी कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली, युवराज सिंह, जावेद अख्तर, अल्का याग्निक, जगदीश चंद्रा, आयुष्मान खुराना, सुगंधा मिश्रा जैसी दिग्गज हस्तियों को भी सम्मानित किया गया था। इसी कार्यक्रम में अश्विनी झा की पत्नी रितु झा को भी सम्मानित किया गया।

#. इसी साल फरवरी महीने में हरियाणा डीपीएस और सिविल सर्विस ऑफिस दिल्ली में भी अश्वनी झा को सम्मानित किया गया

#. पिछले साल अगस्त महीने में दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में अश्विनी झा को अटल मिथिला सम्मान से भी नवाजा गया।

Best-Cuple04

संघर्ष में बीता था बचपन

संघर्ष की आग में ही तपकर कुंदन बना जा सकता है इस बात को साबित किया अश्वनी झा ने। अश्विनी के पिता श्यामानंद झा कोलकाता में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे लेकिन जब ये कंपनी दिवालिया घोषित हो गई तो फिर उसके बाद इनके परिवार को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि अश्विनी के पिता ने हिम्मत नहीं हारी और अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए उन्होंने जी तोड़ मेहनत किया। अश्निनी झा की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा हावड़ा के एक स्कूल में हुई लेकिन बाद में उनका एडमिशन आरके मिशन जैसे प्रतिष्ठित स्कूल में हो गया। बचपन से ही मेधावी रहे अश्निनी को स्कूल के दिनों से ही स्कॉलरशिप मिलता रहा। फिर बाद में कोलकाता से स्नातक की डिग्री लेने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुट गए। अश्ननी झा की मेहनत रंग लाई और उनकी नियुक्ती सीधे गजेटेड ऑफिसर के तौर पर हुई। अब इसे संयोग कहें या कुछ और…अश्विनी की जीवन संगिनी रितु झा की पढ़ाई लिखाई भी पश्चिम बंगाल में ही हुई थी। साल 2005 में दोनों की शादी काफी धूमधाम से हुई।

ये भी पढे़ं:-   बिहार की आज की खास ख़बरें...बस एक क्लिक में

बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं रितु झा

Best-Cuple02

रितु झा दूरदर्शन में एंकर रह चुकी हैं और इस दौरान उन्हें कई नामचीन हस्तियों का साक्षात्कार लेने का मौका मिला। फिर बाद में पति के साथ जमशेदपुर आने के बाद भी उनकी गतिविधि जारी रही और वर्तमान में आकाशवाणी से जुडी़ हैं। रितु झा को कविताओं रचने का भी शौक है। रितु झा की काव्य संग्रह तरंग काफी लोकप्रिय हो रहा है और यहां तक कि विदेशों में भी इस किताब की खूब डिमांड है। रितु के कविता की कुछ पंक्तियों को आप भी पढिए

पिंजरे मे कैद पंछी
गाते नहीं रोते है
फिर भी वो सुनकर
सभी खुश होते है…
छूते ही पिंजरे को
वो पंख फड़फड़ाते है
छोटे से पिंजरे मे भी वो
घबराये से लगते है..
उड़ते थे जो अथाह गगन में
पिंजरे में वो बैठे हैं
टुकुर टुकुर देखते हैं वो
बेचारे से लगते हैं……….
छिनकर उनसे धर उनका
वाणी उनकी, साथी उनके
बंद किया पिंजरे में
सिखाई उन्हें अपनी बोली
दिया उन्हें नाम अपना
की उनकी देखभाल
सबकुछ मिला पिंजरे में
फिर क्यो वो खुश नहीं होते है…
पंखों को फैलाकर शायद
आज भी वो उड़ना चाहते है
अपनी खुशी के लिए
किसी को बंधन में रखना
क्या इसे ही इंसानियत कहते है
देख गगन को वो असहाय
आजादी को तरसते है..

Best-Cuple05

अश्विनी झा नक्सल प्रभावित इलाका छत्तीसगढ़ में काफी लंबे अरसे तक काम कर चुके हैं। इस दौरान अश्विनी ने नक्सली हमलों का डटकर मुकाबला किया और कई लोगों की जान बचाई। सामाजिक कार्यों में भी दोनों पति-पत्नी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। गरीबों की मदद करना और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने में भी आगे रहते हैं। newsofbihar.com की टीम अश्विनी झा और रितु के जज्बे को सलाम करता है और इस कपल को हार्दिक शुभकामना देता है।

ये भी पढे़ं:-   LONDON रिटर्न्स प्रोफेसर छोरी ने कटिहार में किया कमाल, ये काम कर बिहार के लिए बनी मिसाल !

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

loading...

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME