23 अगस्त, 2017
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जाने, महिलाओं के बारे में ऐसी बातें, जिन्हें खुद महिलाएं भी नहीं जानती….

फाइल फोटो सौ. DailyO

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-साहुल पाण्डेय

’स्त्री चरित्रम दवैयी न जानम’ हमने अपने आस पास अक्सर बडें बुर्जुगो को ये वाक्य कहते देखा होंगा। शायद यह उन चुनिंदा संस्कृत वाक्यो में से है जिसका आज कि युवा पिढी भी उपयोग करती उई पाई जाती हैं। इस वाक्य का सिधा और सटीक मतलब है कि भैईया आप दुनिया में सबको समझने की कोशिश करे परन्तु स्त्री कि बात आतें हि चुपचाप नतमस्तक हो जाए।कयो कि नारी एक ऐसी चीज है जिसे देवता भी नहीं समझ सकें हैं तो हम इंसान तो उन्हीं के खेतो कि मुली है तो हमारी क्या औकात। शायद ईसी कारण एक और स्लोक हैं यत्र नारी पुज्यते तत्र रमनत्यें देवता। यानी जहां नारी की पूजा होती हैं वहीे देवता का भी वास होता हैं।

ईतना तो हम जान हि चुकें है कि नारी को समझना मुश्किल हि नहीं नामुकिंन है। पर फिर भी विश्व में कुछ ऐसे महान ज्ञानी पुरुष हैं निन्होने इन चुनौतीयो को स्वीकार करने का बीड़ा उठाया हैं। उनका दावा है की महिलाओ से रिलेटेड जो बात वो जानते हैं वो खुद महिलाओ को भी नहीं पता होगी ।
इन वैज्ञानिको के अनुसार मुल रुप से सब कोई समान हि है और लिगो के बीच ज्यादा असमानता नहीं होतीं। तो आज हम आपको इन्ही के कुछ बातो मेें से कुछ खास बातें आपके लिए लेकर आएं हैं ।आइ्रए जानें ं

फाइल फोटो सौ. DailyO

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1 महिलाओ का दिल पुरुषो कि तुलना मे ल्यादा तेजी से धड़कता है।ं
2 पुरुषो कि तुलना में महिलाओ कि वसा धीमें जलती हैं। महिलाओ के शरीर कि वसा लगभग 50 किललो कैलोरी।
3 महिलाओ कि प्रतिरक्षा प्रत्यारोपण क्षमता पुरुशो कि तुलना में ज्यादा मजबूत होती हैं।
4 महिलाओ के बालो का व्याास पंरुषों के बालो के वस कि तुलना मे 2 गुणा छोटा होता है।
5 महिलाओ के जींभ पर पुरुषो के जींभ कि तुलता में ज्यादा स्वीट रिसेप्टर होतें हैं।
6 मलिाओ के शरिर में अधिक तंत्रिका रिसेप्टर होतें हैं इसी कारण उन्हें छोटी सी चोट पर भी ज्यादा दर्द हेता हैं।
7 महिलाओ के एक्स गुणसूत्रा यानी एक्स क्रोमोसोम होने के कारण वे रेगो के बीच के अंतर को पुरुषो के मकाबले ज्यादा अच्छी तरह से पहचान सकती हैं। तो अगर आपको रंगो से जुड़ि कोई दिक्कत हो तो घर कि महिलाओ कि सहायता जरुर ले
8 म्हिलाओ कि त्वचा यानी चेहरा पुरुषो के मुकाबलें ज्यादा संवेदनशील होता हैं।
9 जेतिटीकली महिलाऐ पुरुषो के मुकाबले ज्यादा फलैक्सीवल होती हैं यानी महिलाओ का ष्शरिर ज्यादा लचीता होता है।
10 महिलाऐ पुरुषो के मुकाबले उच्च ध्वनी या आवृति को ज्यादा बेबतर से सुन सकती हैं, शायद इसी लिए उनका सिक्स सेंस ज्यादा काम करता हैं
11 म्हिलाए रोने के मामले में पुरुषो से कई आगें है। 1 महिला साल में असौतन 30 से 64 बार रोती हैं जबकी 6 से 17 बार ।अतः महिलाओ के रोने को उनकी कमजोरी न समझे ,यह उनका एक प्राकृतिक गुण हैं।
12 जन्म से हि महिलाओ कि स्वास सेंस पुरुषो से प्रबल होती हैं

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