05, Dec, 2016
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

15 अगस्त से पहले पढ़ लें यह खबर, नहीं तो हो सकती है आपकी गिरफ़्तारी !

hjuj

सरिता कुमारी की रिपोर्ट
पटना, 9 अगस्त। तीन रंगो से बना यह झंडा हमारा राष्ट्रीय ध्वज का एक राष्ट्रीय प्रतीक है। जिसे क्षैतिज आयताकार में बनाया गया है। इसे तीन रंगों की मदद से सजाया गया है। जिसमें सबसे ऊपर गहरा केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीच हरा। सफेद रंग के बीचों-बीच एक नीले रंग का अशोक चक्र (अर्थात कानून का चक्र) बना हुआ है। जिसमें 24 तिलियाँ है। 22 जुलाई 1947 में भारत के संविधान सभा ने एक मीटिंग में राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान स्वरुप को स्वीकार किया था। राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीक तिरंगे से हम सभी भावनात्क रूप से जुड़े हैं। हम भारत के लोगों के लिये ये बेहद महत्वपूर्ण और गौरव है। जैसे कि हम सभी जानते हैं कि 15 अगस्त से पहले ही तिरंगा बिकना शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार बने नियम कानून से बहुत लोग अनजान है। इसी अनजाने में हम तिरंगे का अपमान कर बैठते हैं। स्वतंत्रता दिवस हो या गण्तंत्र दिवस झंडा समारोह के बाद सड़कों के अगल बगल गिरे रहते है। कई बार वह लोगों के पैर के नीचे भी आ जाता है।

अगर आप ऐसा करते है तो हो सकती है सजा…
देश में फ्लैग कोड ऑफ इंडिया नाम का कानून है। जिसमें तिरंगे को फहराने के कुछ नियम कायदे निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई लोग फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के तहत गलत तरीके से तिरंगा फहराने या उसके अपमान का दोषी पाया जाता है। तो उसे तीन साल कि जेल, जुर्माना या दोनों हो सकता है।

जानिये इस बार बने तिरंगा झंण्डा का नियम…
जैसे कि हमलोग जानते हैं कि भारतीय ध्वज को एक खास किस्म के कपड़े से बनाया गया है, जिसे खादी कहते है। हाथ से काता हुआ जिसे महात्मा गाँधी द्वारा प्रसिद्ध किया गया। इसके निर्माण और डिजाइन के लिये भारतीय स्टैन्डर्ड ब्यूरो जिम्मेदार होता है। जबकि, खादी विकास एवं ग्रामीण उद्योग कमीशन को इसके निर्माण का अधिकार है। 2009 में राष्ट्रीय ध्वज का अकेला निर्माण कर्ता कर्नाटक खादी ग्रामोंद्योग संयुक्त्त संघ रहा है। झंडे के कपडे के रूप में हाथ से काते या बुने गए खादी, ऊनी, सूती और सिल्क का झंडा भी उपयोग में ला सकते है। आपको बताते चले कि इस बार प्लास्टिक का झंडा फहराने पर रोक लग गया है।

-आजादी से ठीक पहले 22 जुलाई, 1947 को तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया गया। तिरंगे के निर्माण, उसके साइज और रंग आदि तय हैं।
-फ्लैग कोड ऑफ इंडिया ‘ के तहत झंडे को कभी भी जमीन पर नहीं रखा जाएगा।
-उसे कभी पानी में नहीं डुबोया जाएगा और किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। यह नियम भारतीय संविधान के लिए भी लागू होता है।
-‘प्रिवेंशन ऑफ इन्सल्ट टु नेशनल ऑनर ऐक्ट-1971’ की धारा-2 के मुताबिक, फ्लैग और संविधान की इन्सल्ट करनेवालों के खिलाफ सख्त कानून हैं।
-अगर कोई शख्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसे कपड़ा बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति (शहीद हुए आर्म्ड फोर्सेज के जवानों के अलावा) के
-तिरंगे की यूनिफॉर्म बनाकर पहन लेना भी गलत है।
-अगर कोई शख्स कमर के नीचे तिरंगा बनाकर कोई कपड़ा पहनता हो तो यह भी तिरंगे का अपमान है।
-तिरंगे को अंडरगार्मेंट्स, रुमाल या कुशन आदि बनाकर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
-सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही तिरंगा फहराया जा सकता है।
-फ्लैग कोड में आम नागरिकों को सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने की छूट थी लेकिन 26 जनवरी 2002 को सरकार ने ‘ इंडियन फ्लैग कोड ‘ में संशोधन किया और कहा कि कोई भी नागरिक किसी भी दिन झंडा फहरा सकता है लेकिन वह फ्लैग कोड का पालन करेगा।

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें  

 
 

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

newsofbihar

ऐक विचार साझा हुआ “15 अगस्त से पहले पढ़ लें यह खबर, नहीं तो हो सकती है आपकी गिरफ़्तारी !” पर

  1. prashant mishra August 10, 2016

    hloo sir am prashant mishra am proffesnol actor
    सर मैंने इस अपने रास्ट्रीया ध्वज के ही ऊपर इक शार्ट मूवी बनायीं है जो की 12 अगस्त को रिलीज करूँगा
    मैंने भी यही बात सोची थी की इस से हमारे हिंदुस्तान की शान तिरंगा का अफमान होगा इसलिए लोग समजहाने के लिए शार्ट मूवी बनायीं है सर मेरा सपना bollywood me actinga ka hai सर आप मेरी वीडियो देखिये और सर please आप मुझे सपोर्ट कीजिये जिस से मई कुछ बन सकु अपने देश हिन्दुस्तन का नाम रोशन कर सकु thank you sir
    सर मुझे काल कीजिये मेरा नंबर और फेसबुक ईद है
    7248439633
    facebook id– http://www.facebook.com/prashantmishrafan
    sir please mujhe ik chance dijiye kuch karke dikhaanet ka sir plzz aap mujhe baat kar lijiye please sir

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME