10, Dec, 2016
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नोटबंदी ने कर दी इस मासूम की ‘सांसबंदी’! नर्सिंग होम में नहीं हुआ इलाज, पिता की जेब में थे पुराने नोट…

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newsofbihar.com डेस्क

पटना, 30 नवम्बर। “बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया”। नोटबंदी के बाद पुराने नोट जेबों में पड़े पड़े रद्दी के टुकड़े हो गए। इन टुकड़ों का कोई मोल नहीं रहा पैसों के पुजारियों के सामने। बताया जा रहा है कि रूपये रहने के बावजूद सत्येन्द्र दो दिन पहले जन्मे बेटे को नहीं बचा सका क्यूंकि उसकी जेब में जो रुपया था वो रद्दी हो चुका था।
आपको बता दें कि पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के एक निजी नर्सिंग होम के प्रबंधक के अड़ियल रवैये की वजह से नवजात की जान चली गई। नर्सिंग होम ने पुराने नोट लेने से इनकार कर दिया जिससे नवजात का इलाज नहीं हो पाया। इतना ही नहीं मरने के बाद नर्सिंग हों ने लाश देने से भी इनकार कर दिया। नर्सिंग होम के इस अमानवीय रवैये से आक्रोशित परिजनों ने जब थाने में शिकायत की तब जाकर नर्सिंग होम से नवजात का शव मिला।
पत्रकार नगर थानाध्यक्ष संजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि सूचना मिलने पर नर्सिग होम में पुलिस गई थी। तब तक परिजनों को शव दे दिया गया था। थाने में किसी तरह की लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

जानकारी के अनुसार पत्रकारनगर के काली मंदिर रोड निवासी सत्येंद्र सिंह ने 26 नवंबर को अपनी गर्भवती पत्नी को डॉ. शांति राय के क्लिनिक में भर्ती कराया था। डिलीवरी के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई, इसलिए सत्येंद्र ने मंगलवार को नजदीक के ही नर्सिग होम में जच्चा-बच्चा को भर्ती करा दिया। शिशु की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लाने को कहा। सत्येंद्र के पास पुराने नोट थे। उन्होंने दवा के बदले जब पुराने नोट दिए तो दुकानदार ने लेने से मना कर दिया। आनन-फानन में उन्होंने नाते-रिश्तेदारों से संपर्क साधा। कुछ घंटे बाद दस हजार के सौ-सौ के नोट का जुगाड़ कर पाए, फिर दवा खरीदी। इस बीच नवजात ने दवा के अभाव में दम तोड़ दिया। नर्सिग होम में दवा लेकर जाने पर मौत की जानकारी हुई। रुदन-क्रंदन के बाद परिजन जब शव ले जाने लगे तो नर्सिग होम प्रबंधन ने 30 हजार रुपये का बिल थमा दिया। सत्येंद्र के पास केवल दस हजार रुपये के नए नोट थे। उन्होंने पुराने नोटों से बिल चुकाना चाहा तो प्रबंधन ने लेने से इंकार कर दिया और शव को बंधक बना लिया। इसको लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई, जिसके बाद सत्येंद्र ने थाना पुलिस से गुहार लगाई।

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