23 जून, 2017
To Advertise on this Website call Us on 9155705448, 8130906081
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

आपके परिवार में फैसला कौन लेता है? पापा जी, पापा जी, पापा जी, पापा जी …. जानिये क्या है दिलचस्प मामला

bseb-12th-result-2016

भोजपुर, 11 नवम्बर। प्रोडिगल साइंस के आविष्कार ने पूरे देश को बिहार पर हंसने का अवसर दिया था। इंटर टॉपर रूबी राय ने जब टी वी पर इंटरव्यू दिया तो बिहार के शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। देश ने देखा की मेधा किस प्रकार धन और पैरवी के सामने घुटने टेक रहा है बिहार में। ये तो टॉपर घोटाले की बात थी जिसमे रूबी राज ने परीक्षा की कॉपी में हनुमान चालीसा लिखा था। लेकिन, भोजपुर जिले के बिहिया स्थित प्राइमरी स्कूलों के बच्चों ने तो इतने अविष्कार किये की वीक्षक अपनी पढ़ी हुई बातों को भी भूल गए।
बच्चों के अजीबो-गरीब जवाब सुनकर वीक्षक उत्तरपुस्तिका जांचते वक़्त कुर्सियों से उछल पड़े। बात चाहे जो भी हो बिहिया के प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों द्वारा लिखित उत्तरपुस्तिका ने बिहार के बदहाल शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। आपको बता दें कि बिहिया के 106 प्राइमरी स्कूलों व मिडिल स्कूलों में 26 से 28 अक्टूबर तक कक्षा एक से कक्षा आठ तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा संपन्न हुआ। इसमें कुल 23443 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। आइये नजर डालते हैं छात्रों द्वारा लिखित कुछ प्रश्नों के उत्तर को….

सवाल : कुटुम्ब किसे कहते हैं?
जवाब : जो कुटिल बुद्धि का होता है, उसे कुटुम्ब कहते हैं।

सवाल : आपके परिवार में फैसला कौन लेता है?
जवाब : पापा जी, पापा जी, पापा जी, पापा जीपा, पापाजी, पापा जी (पूरी कॉपी में केवल पापाजी लिखा है)।

सवाल : अपने मन से ईष्या का भाव निकालने के लिए क्या-क्या करना चाहिए?
जवाब : ईष्या की मां ने भिखारी को घर में काम करने के लिए रखी थी, इसलिए भिखारी से ईष्या बहुत जलती थी।

ये भी पढे़ं:-   'प्रभु' की कृपा से बन पाई जोड़ी, दुल्हे की ट्रेन की बढ़ा दी रफ्तार...

इतना ही नहीं अंग्रेजी की उत्तरपुस्तिका में जो देखने को मिला उसे पढ़कर आप चकराकर गिर जायेंगे।। एक छात्र के उत्तरपुस्तिका के अनुसार ” हमलोगों को किताब नहीं मिला है। इसलिए क्वेश्चन का आंसर नॉट आ रहा है।” छात्रों के अजीबोगरीब उत्तरों के बारे में जब प्रखंड विकास पदाखिकारी सत्येन्द्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जानकारी के आभाव में छात्रों ने ऐसे जवाब दिए। छात्रों का यह स्तर बिहार के शिक्षा-व्यवस्था के स्तर को भी बताता है। आखिर इस बदहाल शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा? कौन आगे आएगा बिहार के छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए यह प्रश्न अब भी अनुत्तरित है।

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

loading...

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME