10, Dec, 2016
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एएसआई हत्याकाण्ड की तह तक पंहुची पुलिस, एसएसपी मनु महाराज जल्द करेंगे खुलाशा

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कुलदीप भारद्वाज की रिपोर्ट
पटना, 14 अक्टूबर : 24 सितंबर को राजधानी पटना के फतुहा थाना क्षेत्र में एएसआई आरआर चौधरी की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं बदमाश एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर लेकर भी फरार हो गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही पूरा पुलिस महकमा एक बार को सन्न रह गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में नालन्दा और पटना पुलिस की एक संयुक्त एसआईटी गठित की गई।
घटनास्थल पर एसएसपी मनु महाराज ने कहा था कि घटना की जांच की जा रही है और यह घटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है।इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए एसएसपी पटना ने दशहरा मुहर्रम के साथ अन्य तमाम मशरूफियतों के बावजूद ख़ाकी के कातिलों को गिरफ्तार करने का अपना अभियान नहीं छोड़ा और रात रात भर छोटे से छोटे सुराग को खंगालते रहे। यहाँ टास्क की एसआईटी टीम को गुजरात भेज कर तेलहाडा कांड के उद्भेदन खातिर पूर्व में एक पुलिस वाले की हत्याकांड को अंजाम देने वाले कुख्यात हरेराम पासवान को पकड़वाया पर नतीजा सिफ़र रहा।
लेकिन एसएसपी ने घटना स्थल पर जो शब्द कहे थे उस शब्द के मायने वो अच्छी तरह से जानते है और समझते है। चुनौती स्वीकार कर चुके थे। अब मनु महाराज ने घटनास्थल के आसपास के इलाको पर नज़र दौड़ाना शुरू किया और हत्यास्थल की बारीकियों को खंगाला शुरू किया। छोटे से छोटे पहलु को दुहराया और फिर हर सिक्वेंश को एक दूसरे से जोड़ना शुरू किया। जैसे एएसआई रामराज दोपहर करीब 2 बजकर18 मिनट पर हिलसा शहर से फतुहा की ओर क्रॉस किए जो एक प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी में स्पष्ट दीखा है। फुटेज में दिख रहा है कि उस समय उनके शरीर पर पुलिसिया वर्दी थी और सिर पर हेलमेट पहने हुए थे। इसके बाद करीब 35 मिनट के बाद तीन बजे के आसपास फतुहा के फोर लेन पर एएसआई की हत्या होने की खबर आग की तरह चहु ओर फैल गई। मकतूल की हत्या फोर लेन के उस हिस्से में हुई जहा अमूमन सन्नाटा रहता है।
पटना के अपराध जगत से एसएसपी मनु महाराज का लम्बे दौर से इन्काउन्टर जारी है। जिले के अपराधियों के मोडस ऑपरेंडी के अमूमन हर बारीकी से मनु महाराज अवगत है। साथ ही कुख्यातों को बशक्ल पहचानते भी है। हज़ारो सैकड़ो अपराधियों को जेल भेज चुके है। अब एसएसपी ने अपना ध्यान इलाके के सक्रीय बदमाशो और लूटपाट करने वाले गिरोहों पर केंद्रित कर लिया।अभी इलाके में सक्रिय अपराधियों की जन्मपत्री वर्त्तमान सूरतेहाल और लोकेशन खंगालने की प्रक्रिया जारी ही थी। इसी दौरान वरीय पुलिस कप्तान को जानकारी मिली की लंबे समय से फरार चल रहे इलाके के कुख्यात ने अचानक एएसआई हत्याकांड के महज कुछ दिनों बाद ही सरेंडर कर दिया है। खबर जब एसएसपी के कानों तक पहुची तो उनके कान खड़े हो गए। वो समझ गए कुछ तो गड़बड़ है।शातिर हत्याकांड के बाबत कुछ विशेष जानता है या फिर मामले में संलिप्त है।
एसएसपी को अब मामला कुछ कुछ समझ में आने लगा था। शक अब यक़ीन में तब्दील होने लगा था।खैर मुखबिरों को सतर्क किया गया फतुहा थाना, दीदारगंज थाना और इन इलाकों से सटे पटना सिटी में विशेष निगेहबानी का आदेश हुआ। शुरुआत में कही से कोई सुराग नहीं मिला फिर अचानक एक दिन इशारा मिला हत्यकांड में कमउम्र लूटेरे गिरोह का हाथ प्रतीत हो रहा है। जो मुख्यतः सबलपुर, मौजीपुर और खिरदपुर के रहने वाले है। ये विक्रम ऑटो जिसे आम बोल चाल में पियाजो भी कहते है पर सवार होकर फोर लेन हाइवे पर लूटपाट करते है।अक्सर यह गिरोह दिन में दोपहर के 1 बजे से 4 बजे तक रात में 12 बजे से सुबह के 4 बजे तक सड़को पर अपने शिकार तलाशता रहता है। घटना वाले दिन यानी शनिवार 24 सितंबर को भी यह दल सड़क पर देखा गया था।
मतलब इशारा स्पष्ट था। सुचना नेटवर्क अब लगभग आश्वस्त हो चूका था। कांड के सच से जल्द ही पर्दा उठने ही वाला है। एसएसपी पटना ने लूटेरों की टोली के हत्यारे गैंग का टोह पा लिया है। लोकेशन स्पष्ट है तैयारी मुकम्मल है। एक्शन होने ही वाला है। कमउम्र हत्यारो की गैंग की गर्दन जल्द ही पटना पुलिस के हाथों में होगी। या ऐसा भी हो सकता है आप जब ये खबर पढ़ रहे होंगे, अपराधी दबोचे जा रहे होंगे।

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