24 अगस्त, 2017
To Advertise on this Website call Us on 9155705448, 8130906081
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

बिहार में सबसे बड़े घोटाले का “सृजन”

srijan-ghotala

srijan-ghotala

पटना, 12 अगस्त (साहुल पाण्डेय)news of bihar.com desk।

बिहर में अगर हम और आप सबसे बड़े घोटाले कि बात करते है तो लाु का चेहरा सामने आने लगता है और चारा घोटाला का नाम हमारे कानो में गुंजने लगता है। लेकिन अब यह इतिहास बन गया है।क्यो कि घोटालो का गढ़ाबन चुके हमारे बिहार में पहले कोई चारा खता था, फिर किसी ने मिट्टी खाईऔर अब तो सब चीज जैसे एक साथ हि निगल लिया गया है।बिहार में घेटाले के इस इतिहास का सृजन भागलपुर में हुआ है।
जी हां हम बात कर रहें हैं सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के द्वारा किए गए उस घोटाले कि जिसका दायरा अब बहुत बड़ा होता जा रहा है। 12 घंटे की जांच में गड़बड़ी का आंकड़ा 300 करोड़ से बढ़कर लगभग 1000 करोड़ हो चुका है। भागलपुर के अलावा अब सहरसा में भी जांच की आंच पहुंच चुकी है। मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई के सूत्रों का दावा है कि जल्द ही पूरे राज्य में घोटाले के तार फैले मिलेंगे और कुल आंकड़ा हजार करोड़ पार कर सकता है। यानी, चारा घोटाले का भी रिकार्ड टूट सकता है। घोटाले की पूरी कहानी में कई बड़े लोगों और सफेदपोशों की मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।

भागलपुर में सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड में जमा सरकारी राशि का लाभ लेने में कई नेता और अफसरों के नाम भी आ रहे हैं। अभी तक की छानबीन में यह बात सामने आई है कि सृजन के सहकारी बैंक से पटना की एक चर्चित नेत्री के खाते में करीब 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुआ है। इसमें उस नेत्री की बेटी का भी नाम है। उनका आभूषण का कारोबार दिखाया गया है।सृजन के बैंक से आरटीजीएस के माध्यम से कई कारोबारियों के खातों में भी रुपए ट्रांसफर हुए हैं। जिला मुख्यालय में पदस्थापित एक अफसर की पत्नी के नाम करीब पांच करोड़ रुपए ट्रांसफर होने के मामले की भी छानबीन हो रही है। अफसर ने पटना में पत्नी के नाम से एक बड़ा स्कूल खोला है।

इस अफसर के पूर्ववर्ती विभाग से बड़ी राशि सृजन के बैंक में जमा की गई थी। इसी तरह जिले के एक दूसरे अफसर और उनके बेटे के नाम करीब एक करोड़ रुपये ट्रांसफर होने की भी बात आ रही है। इस अफसर का बेटा मुंबई के एक बैंक में काम करता है। इस अफसर के विभाग के रुपये भी सृजन के बैंक में जमा हुए थे।

ये भी पढे़ं:-   मनोरमा देवी और सुशील मोदी के फोटो पर तेजस्वी ने ट्वीट पर ली चुटकी

यह भी पता चला है कि शहर के एक बड़े कपड़ा दुकानदार के खाते में 30 लाख रुपए ट्रांसफर हुए लेकिन बाद में उसने सृजन को रुपये वापस कर दिया। सृजन से लाभ लेने वालों में फ्रिज, कूलर, एसी कारोबारी भी जांच के घेरे में हैं। इनका कारोबार पिछले पांच वर्षों में अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। नोएडा की एक अपार्टमेंट बनाने वाली कंपनी को करीब 25 करोड़ और भागलपुर के खलीफाबाग की एक अपार्टमेंट कंपनी को करीब 5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाने की भी बात सामने आ रही है।

इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं. जिनमें कई जिला अधिकारियों के निजी सचिव रहे प्रेम कुमार शामिल हैं। अभी तक इस मामले की जांच जिला पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई संयुक्त रूप से कर रही है और हर एक दिन इस मामले में एक नया खुलासा हो रहा है। इस मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत थी और जल्द उनके अधिकारियों की गिरफ्तारी भी होगी।

एनजीओ घोटालाः- मामले कि जांच रिपोर्ट पर अगर गौर करें तो पता चलता है कि जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार यादव के समय में सबसे ज्यादा सरकारी राशि को फर्जी तरीके से ट्रांसफरहुआ है। वीरेंद्र जुलाई 2014 से अगस्तत 2015 तक भागलपुर के जिला अधिकारी रहे। उनके दौरान जिला भू-अर्जन कार्यालय का 270 करोड़ रुपये व मुख्यमंत्री नगर विकास योजना की 12 करोड़ 20 लाख रुपया गया। इसी तरह जिलाधिकारी वंदना प्रेयसी के कार्यकाल में अवैध तरीके से जिला नजारत का 15 करोड़ रुपये सृजन खाता में गया है। वर्तमान जिलाधिकारी आदेश तितरमारे के फर्जी हस्ताक्षर से पांच करोड़ रुपये सृजन के खाता में दिया गया, जबकि सृजन ने बिना किसी निर्देश के सरकारी खाता में 20 करोड़ से अधिक की राशि आरटीजीएस कर दी। बता दें कि वीरेंद्र यादव हाल के दिनों में भोजपुर जिले में एक और भूमि घोटाला के सिलसिले में चर्चा में थे।

ये भी पढे़ं:-   आरा : 14 दारोगा और 32 सिपाही को बनाया गया जमादार !

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

loading...

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME