28 जून, 2017
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बिहार के इस जिले में बंद हुई भोजपुरी की पढ़ाई, कारण जानकर हैरान रह जायेंगे आप !

Nitish-tejaswi

पटना, 31 अगस्त : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा में पिछले 25 वर्षों से चल रहा भोजपुरी भाषा विभाग बंद हो गया। यह आदेश राजभवन के निर्देश के बाद जारी हुआ है। अब यहां भोजपुरी में पीजी की पढ़ाई नहीं होगी। विवि को आये पत्र में लिखा है कि भोजपुरी कोर्स की मान्यता राजभवन से अनुमोदित नहीं है, इसलिए ऐसे कोर्स की पढ़ाई तुरंत बंद कर दी जानी चाहिए।

इधर, राजभवन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विवि अधिनियम के तहत यह प्रावधान है कि किसी भी कोर्स की पढ़ाई के लिए राजभवन की अनुमति या मान्यता जरूरी है। वीर कुंवर सिंह विवि ने भोजपुरी विषय में पीजी की पढ़ाई बिना कुलाधिपति कार्यालय की अनुमति के शुरू कर रखी थी। कोर्स की मान्यता मिले बिना डिग्रियां बांटी गयीं। राजभवन सूत्रों का कहना है कि बिना मान्यता के डिग्री बांटने से छात्र ठगे जा रहे हैं और दूसरे प्रदेशों में बिहार की डिग्री फर्जी करार दी जा रही है। ऐसी सूचना के बाद कुलाधिपति कार्यालय ने सभी विवि को यह हिदायत दी है कि बिना अनुमति के जिन कोर्स की पढ़ाई विवि में चल रही है, उन्हें तत्काल बंद कर दिया जाये।

इधर, विवि सूत्रों के मुताबिक भोजपुरी विभाग को बंद करने से पहले भी कई बार इस बारे में पत्राचार हुआ और मामला कोर्ट तक भी गया। लेकिन, यूनिवर्सिटी यह जवाब नहीं दे पाया कि किन नियमों के तहत कोर्स की पढ़ाई चल रही है। 31 मई, 2013 को आये पहले पत्र में राजभवन ने कुलपति से पूछा था कि किस आधार पर विभाग चल रहा है, इसके बाद कई पत्र आये।

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लेकिन, यूनिवर्सिटी कोई उचित जवाब नहीं दे पाया। 15 जुलाई को आये पत्र के बाद आखिरकार यूनिवर्सिटी ने विभाग को बंद कर दिया। हालांकि, इसे शुरू करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है। लेकिन, इस सत्र में विभाग बंद होने से भोजपुरी प्रेमियों में काफी आक्रोश है. इस संबंध में पटना हाइकोर्ट में भी मामला लंबित है, जिसमें बिना मान्यता के भोजपुरी भाषा में पीजी की पढ़ाई को चुनौती दी गयी है।

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