क्या आप जानते हैं कि बिहार के विधायकों की सैलरी कितनी है? भत्ते की रकम जानकर तो आप चौंक जाएंगे

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नीतीश सरकार ने बिहार के विधायकों और विधानपार्षदों को तोहफा भेंट किया है। अब ये तोहफा भले दीपावली के बाद मिला हो लेकिन वेतन बढ़ोतरी से बड़ा सुख और क्या हो सकता है? नीतीश कुमार ने विधायकों और विधानपार्षदों के लिए उदारता का परिचय देते हुए वेतन और भत्ते में भारी बढ़ोतरी की है इसके साथ ही पूर्व विधायकों की पेंशन में भी वृद्धि कर दी गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षतता में कैबिनेट की हुई बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। शीतकालीन सत्र में इस प्रस्ताव के पारित कराने के बाद से नया वेतन लागू कर दिया जाएगा।

वेतन और भत्ता बढ़ाए जाने के बाद अब विधायको को प्रति माह मिलेंगे इतने पैसे

  • वेतन और भत्ता बढ़ाए जाने पर एक विधायक को हर माह अब करीब एक लाख 35 हजार मिलेगा।
  • अभी विधायकों को एक लाख आठ हजार प्रति माह मिल रहा है।
  • इसके अलावा नया वाहन खरीदने के लिए एडवांस के रूप में दस लाख की जगह अब से 15 लाख मिलेंगे।
  • ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा के लिए हर साल दो लाख की जगह अब तीन लाख मिलेंगे।
  • निजी सहायक के लिए 20 हजार की जगह अब 30 हजार मिलेगा।
  • किसी कार्य के संपादन के लिए यात्रा भत्ता भी अलग से विधायकों-विधान पार्षदों को मिलता है।
  • पूर्व विधायकों और पूर्व विधान पार्षदों को मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को 25 हजार से बढ़ा कर 35 हजार कर दिया गया है। यह पेंशन एक साल विधायक रहने पर मिलेगी। इसके बाद वे जितने साल तक विधायक रहे, उतने वर्ष तक हर साल पेंशन में तीन-तीन हजार रुपये तक वृद्धि होगी। पहले हर साल दो हजार की वृद्धि होती थी।  इसके पहले 2014 और 2011 में इनके वेतन और भत्ते में वृद्धि की गई थी।

विधायकों और विधानपरिषद के सदस्यों की वेतन वृद्धि पर सियासत गर्म

बिहार में विधायकों और विधानपरिषद के सदस्यों की वेतन वृद्धि को लेकर अब सियासत भी गर्म होने लगा है। बिहार स्वराज अभियान के संयोजक डॉ रंजीत कुमार ने कहा है कि नीतीश सरकार के लिए जनता के दुख-दर्द नहीं बल्कि विधायकों की सुख-सुविधा ज्यादा मायने रखता है। बिहार स्वराज अभियान नीतीश कुमार से सवाल पूछता है कि क्या सत्ता की मलाई और सुख भोगने के लिए बिहार की जनता ने विधायकों और सरकार को चुना था? क्या इसी सेवा भाव का दंभ भरते हैं सरकार में बैठे मंत्री और विधायक? बिहार के नौजवान बेरोजगार हैं, व्यापारी परेशान हैं, बुजुर्गों को समय पर पेंशन नहीं मिलता है, स्वास्थ्य सेवा का बुरा हाल है, प्रशासन पस्त और अपराधी मस्त हैं लेकिन इन समस्याओं से बिहार सरकार का कोई सरोकार नहीं है और उनके लिए विधायकों का वेतन बढ़ाना बड़ी प्राथमिकता है।

कैबिनेट की बैठक में विश्वविद्यालय-कॉलेज पेंशनरों के लिए भी चिकित्सा भत्ता का ऐलान

राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेज से सेवानिवृत पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को अब से 200 रुपया प्रति माह मेडिकल एलाउंस के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें कि ये भत्ता 1 अगस्त 2014 के प्रभाव से लागू किया जाएगा।