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क्या बलात्कारी से ज्यादा बड़ा गुनहगार है शराबी ? जाम छलकाया तो जेल में गुजरेगा जीवन !

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पटना, 30 जुलाई। नीतीश सरकार ने बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक 2016 के तहत शराबबंदी से जुड़े कानून में दंड के प्रावधानों को और सख्त कर दिया है। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन इस विधेयक की प्रति अध्ययन के लिए विधायकों को उपलब्ध करायी गयी। इसी सत्र में इस विधेयक को पेश किया जाना है। नए कानून के तहत यह अनुमति दी गयी है कि अगर कोई व्यक्ति अपने घर में शराब पीने की अनुमति देता है या फिर उक्त परिसर में शराब पीकर कोई हिंसा करता है तो घर के मालिक को कम से कम दस वर्ष या फिर इसे बढ़ाकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति किसी जगह शराब का उपभोग करते पकड़ा जाएगा तो कम से कम उसे पांच वर्ष की सजा होगी। सात वर्ष की सजा भी हो सकती है। यही नहीं उसे कम से कम एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा। जुर्माने की राशि को बढ़ाकर दस लाख रुपये तक किया जा सकेगा। घर में शराब जिसे नये कानून में मादक द्रव्य कहा गया है, के मिलने पर भी कड़ी सजा होगी। ऐसा परिसर जहां किसी वैध प्राधिकार की अनुमति के शराब रखा गया है और इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी जाती है तो ऐसी स्थिति में कम से कम आठ वर्षो की सजा होगी, जिसे बढ़ाकर दस वर्ष तक किया जा सकता है।

-शराब मादक द्रव्य की श्रेणी में शामिल
-प्रचार-प्रसार पर तीन साल की सजा।
-महिलाओं या नाबालिग को धंधे में लगाया तो उम्रकैद।

जानकारी के मुताबिक इस मसौदे को शुक्रवार को विधानसभा के पटल पर पेश किया जा सकता है।

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ऐक विचार साझा हुआ “क्या बलात्कारी से ज्यादा बड़ा गुनहगार है शराबी ? जाम छलकाया तो जेल में गुजरेगा जीवन !” पर

  1. vicky jha July 30, 2016

    कूछ कार लो नितीस जी मागर् बिहारी बुधि बहुत तेज होता हे पिने वाले पियै गै ही ये साब कानून सिर्फ पुलिस की जैव गर्म करने कै लिये हे दारू इतना गलत चीज हे तो दारू की कम्पनी कियो ना बन्द हो राही हे इतना भी खराब चीज नाही हे ऎक बून्द पीने सै 10 साल की साजा हो ये मात समझो कुर्सी दै दी तो अपनी मान मानी कारो गै कुर्सी सै ऊतार फैकना भी जान्ते हे जितना आच्छा काम किया था पूर्व उतना ही बुरा हो गाय आव बिहार मै बाहर हे नितीस कुमार बेकार हे

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