23 जून, 2017
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बीमार आयुर्वेदिक कॉलेज को जिन्दगी देने में जुटा है यह वैद्य, मरीजों का कर रहे है निःशुल्क ईलाज !

Begusarai-medical-college

कृष्ण कुमार की रिपोर्ट

बेगुसराय, 31 अगस्त : बिहार सरकार ने सूबे में पांच नये मेडिकल कॉलेज की घोषणा की है। लेकिन पहले से ही चल रहे कई मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर खतरा लटक रहा है। वहीँ आयुर्वेदिक कॉलेज की हालात तो और भी खास्ता है। बेगूसराय, भागलपुर समेत सूबे की कई आयुर्वेदिक कॉलेज में साल 2007 से ही नामांकन नहीं हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की मान्यता कई कारणों से निलंबित कर दी गयी है। लेकिन वैद्य दिनेश्वर प्रसाद के बेगूसराय के राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय सह चिकित्सालय का प्राचार्य बनने के बाद मेडिकल कॉलेज को जिन्दा करने की कवायद शुरू की गयी है। प्राचार्य ने इस महीने के शरुआत में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया था। उसके बाद अब रोजाना सौ से ज्यादा मरीज़ अपना ईलाज कराने के लिए आने लगे हैं। खासकर नस और हड्डी रोग से पीड़ित मरीज़ का पंचकर्म चिकित्सा पद्वति से ईलाज किया जा रहा है। इसके लिए मरीज़ को 15 दिनों तक भर्ती रखकर उसका ईलाज किया जाता है। पंचकर्म विभाग के डॉक्टर अखिलेश कुमार जायसवाल ने बताया की पिछले महीने तक यह विभाग खाली पड़ा होता था। लेकिन आज की तारिख में 7 मरीज़ भर्ती होकर अपना ईलाज करवा रहे हैं। डॉक्टर जायसवाल की माने तो पीड़ित मरीज़ जानकारी के अभाव में निजी क्लिनिक में ईलाज में हज़ारों रुपये लगा देते हैं, जबकि आयुर्वेदिक कॉलेज में बीमारी को निःशुल्क ईलाज के साथ दवा और पौष्टिक भोजन भी दिया जाता है। इसके अलावा सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक ओपीडी संचालित किया जाता है। अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य वैद्य दिनेश्वर प्रसाद ने उम्मीद जतायी है की कॉलेज के डॉक्टर और स्टाफ के सहयोग से भर्ती मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ेगी और सीसीआई से मिलने वाली कॉलेज की मान्यता भी जल्द बहाल होगी।

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