05, Dec, 2016
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दरभंगा के लड़कों ने दुबई में स्थापित किया गरीबों की मदद करने के लिए संस्था

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मो. सईद अली की रिपोर्ट

दरभंगा, 08 नवम्बर। जामिएट्स ग्लोबल की स्थापना जामिया इसलामीया के पूर्व छात्र मोहम्मद ज़ाकिर, ज़ुबैर इरशाद, ग़यासुद्दीन, मुज़फ्फर बेग आदि ने मिलकर किया था। दिल्ली स्थित जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के भूतपूर्व छात्रों द्वारा बनाया गया यह फोरम वर्ष 2004 में तकनिकी कारणों से बंद हो गया था। जिसे दरभंगा के रहने वाले मोहम्मद शाकेब, समस्तीपुर के निवासी आसिफ इकबाल और जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में पढने वाले नए-पुराने छात्र साथ मिलकर कर आगे बढ़ा रहे हैं। रमजान के मुबारक महिने में जामिएट्स ग्लोबल ने एल्मा कनेक्ट नाम से वेबसाइट लॉन्च किया है। इस वेबसाइट का मकसद पूर्व और नए जामिया के विद्वानों को एक मंच पर लाना है। जामिएट्स गलोबल के 96 वर्ष पुरा होने के उपलक्ष्य पर 04 नवम्बर को शारजाह के मारबिला रिसोर्ट में एक भव्य प्रोग्राम का आयोजन किया गया था। इस मौके पर हिंदुस्तान, सउदी और कतर से लगभग 400 पूर्व छात्र-छात्राएँ शारजाह पहुंचे।
मौके पर आये छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जामिया के सीनियर तवरेज उशमानी ने कहा कि जामिया एक सोच और शांति का नाम है। आरजे नावेद ने कहा हमारे साथियों ने हमें खूब हंसाया है। हम लोगों को आगे आकर मदद करना चाहिए। इस मौके पर जुबैर इरसाद ने बताया कि जामिएट्स गलोबाल जिसकी स्थापना वर्ष 1994 में हुई, विदेश में जामिया में पढने वाले छात्रों का पहला फोरम है जिसे भूतपुर्व छात्र-छात्राओं ने कायम किया था। हर जगह के जामिएट्स को एक जगह, एक साथ लाया जाए तो हिंदुस्तान से आने वाले जामिएट्स को रोजगार पाने में मदद किया किया जा सकता है। लोग जिस माध्यम से जामिएट्स की मदद कर सकें उनको करना चाहिए। जैसे जो लोग इंजीनियर है ,एकाउंटेंट हैं या कारोबारी हैं तो वो नेट पर भी काम कर सकते है।
वहीं दरभंगा के शाकिब और समस्तीपुर के आसिफ इकबाल ने विदेश में देश का नाम रौशन करने पर प्रसन्नता जाहिर किया।

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ऐक विचार साझा हुआ “दरभंगा के लड़कों ने दुबई में स्थापित किया गरीबों की मदद करने के लिए संस्था” पर

  1. Yaswant choudhary November 10, 2016

    Mera bhanja rohit kumar choudhary jo is samay sarjaah mai hai wo is samay bari muskil mai hai. Kya uski madad kar payenge ?

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