27 जून, 2017
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बीएसएसीएस और यूनिसेफ ने मिलकर किया दो दिवसीय राज्य स्तरीय युवा समारोह का आयोजन

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पटना, 15 सितंबर 2016। आज राजधानी पटना के होटल चाणक्य में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति और यूनिसेफ, बिहार के द्वारा दो दिवसीय राज्य स्तरीय युवा समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मनोज कुमार सिन्हा, संयुक्त निदेशक (आइइसी), बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, कार्यक्रम-प्रबंधक, यूनिसेफ बिहार श्री शिवेंद्र पांड्या, श्री दीपक कुमार, क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), भारत सरकार, श्री आलोक कुमार सिंह, सहायक निदेशक, युवा, आशीष कुमार, सलाहकार, यूनिसेफ एवं गणमान्य अतिथियों व आगतों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मनोज कुमार सिन्हा, संयुक्त निदेशक (आइइसी), ने एचआइवी-एड्स के प्रति जागरूक पैदा करने तथा युवाओं को अधिक से अधिक स्वैच्छिक रक्तदान हेतु प्रेरित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति इसके लिए हर प्रकार की सहायता और तकनीकी सहयोग मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर यूनिसेफ, बिहार के कार्यक्रम प्रबंधक श्री शिर्वेद् पांड्या ने कहा कि आधी जनसंख्या युवाओं की है। हमें यह देखना होगा कि यह भारी संख्या हमारी संपदा है या बोझ? युवाओं की दिशा ही बिहार का भविष्य तय करेगी, युवा जिस राह पर जाएंगे बिहार का समाज भी उसी दिशा पर जाएगा। युवापन दरअसल मानसिक अवस्था है, इसका उम्र से लेना नहीं। उत्साह अगर बना हुआ है, तो आप युवा हैं। स्वास्थ्य से अधिक व्यवहार-परिवर्तन की जरूरत है। एचआइवी पर संवाद और बात करने की जरूरत है। इस पर हिचक और बाधाओं को हटाने की जरूरत है। कुंठा को छोड़कर अकुंठ भाव से चर्चा करने की जरूरत है। एचआइवी के बारे में मिथक और सामाजिक भेदभाव को भी हटाने की जरूरत पर उन्होंने बल दिया। उन्होंने लाइफ-साइकल अप्रोच पर जोर देते हुए कहा कि अगर हमें समाज की प्रगति करनी है, तो युवाओं को, किशोरों को प्रशिक्षित करने, संबोधित करने की जरूरत है। यूनिसेफ के नए कंट्री-प्लान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे सारी गतिविधियों को युवाओं के इर्द-गिर्द ही रखना चाहेंगे।

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कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताते हुए दीपक कुमार, क्षेत्रीय निदेशक एनएसएस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के द्वारा 1999 से अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाने लगा, इसकी शुरुआत की गयी। इस अवसर पर परेड, खेल प्रतियोगिता, कांसर्ट और कांफ्रेस, स्वयंसेवी परियोजनाएं और युवाओं की उपलब्धिगत प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है।

इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को एड्स से बचाव की रणनीति के बारे में जागरूक करना एवं असुरक्षित सेक्स से बचाव की जानकारी देना और स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना है। उन्हें ड्रग्स के इस्तेमाल से होनेवाली गंभीर बीमारी और नुकसान से बचाने के उपायों के बारे में बताना है। साथ ही इसका उद्देश्य एड्स के बारे में सामाजिक भेदभाव और प्रचलित निराधार मिथकों को हटाना भी है। इस कार्यक्रम में एच.आइ.वी, एड्स, जीवन-कौशल और युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारियों के ऊपर क्विज, लेखन प्रतियोगिता, भाषण-प्रतियोगिता और पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन होगा। कार्यक्रम में बिहार के 17 विश्वविद्यालयों, 12 नेहरू युवा केंद्रों से लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान बेस्ट डोनर अवॉर्ड भी दिया जाएगा, यानी अब तक जिस किसी ने भी स्वेच्छा से सबसे अधिक बार रक्तदान किया है।

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