10, Dec, 2016
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

हो जाइए सावधान! बिहार के इस अस्पताल में होता है लाशों का सौदा, कंकालों की लगती है बोली…

logo-1

डेमो

साभार दैनिक भास्कर

मुजफ्फरपुर, 23 नवम्बर। दैनिक भास्कर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश रॉय और उनकी टीम ने एक सनसनीखेज मामला उजागर किया है। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में लावारिस लाशों के सौदागरों का पर्दाफाश किया है भास्कर के इन खोजी पत्रकारों ने। देश में मानव अंगों की तस्करी के अनगिनत मामले प्रकाश में आये हैं लेकिन इससे पहले कंकालों की तस्करी का मामला प्रकाश में नहीं आया था। राजेश रॉय द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए रखे गए दिहाड़ी सफाईकर्मी लाश से मांस का कतरा-कतरा नोंच देता हैं और कंकाल का सौदा कर देते हैं। एसकेएमसीएच में लाशों की अंत्येष्टि के लिए एक कमिटी भी है। अंत्येष्टि के दौरान एक पुलिसकर्मी का रहना भी जरुरी है ताकि कोई गड़बड़ी न हो। लेकिन यहाँ सब सेट है। अंतिम संस्कार के लिए राशि हड़पकर कागजों पर अंतिम संस्कार दिखा दिया जाता है।
सच्चाई ये है कि लावारिस शव मोर्चरी से ही सफाईकर्मियों के कब्जे में चला जाता है। सफाईकर्मी इसे कंकाल में बदल देते हैं। इन कंकालों को राज्य से बाहर के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को 8-10 हजार रूपये में बेच दिया जाता है। राजेश रॉय और उनकी टीम ने ग्राहक बनकर सफाईकर्मियों से तीन कंकाल खरीदने की बात की। उन्होंने इसके लिए 500 रुपया एडवांस दिया तो पोस्टमॉर्टेम हाउस के ठेक सामने बने टॉयलेट की छत पर रखे कंकाल को सामने कर दिया गया। इसके बाद से उनके पास सफाईकर्मियों के फोन कॉल आ रहे हैं कि 20000 में तीनों कंकाल ले जाओ।
वहीं एसकेएएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ विकास कुमार ने कहा कि इसतरह से कंकाल का व्यापार करना गैरकानूनी है और इसके लिए सजा का प्रावधान है। एसकेएमसीएच के छ्हत्रों के लिए तो सीमित और जरुरत के हिसाब से डेडबॉडी का इस्तेमाल हो सकता है लेकिन इसका व्यापार गैरकानूनी है। आर्टिफीसियल कंकाल बाजार में उपलब्ध है। जहाँतक लावारिश लाशों का सवाल है तो उसके लिए दो स्तरों पर इसके डिस्पोज का काम होता है। पुलिस अपने लाये हुए लाशों की अंत्येष्टि करती है जबकि अस्पताल के लावारिश लाश की अंत्येष्टि विभागीय स्तर पर होती है। परिसर में कंकाल बिकने की बात पर उन्होंने कहा कि हो सकता है ऐअसा करने वाले कहीं और से इसे लाते हों।
प्रिंसिपल चाहे जो भी कहें लेकिन इस स्टिंग ऑपरेशन से एक बात तो साफ़ हो गई की बिहार के स्वास्थ्य विभाग में सबकुछ ठीक नहीं है।

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

newsofbihar

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME