06, Dec, 2016
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धूमधाम से मना जन्माष्टमी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम !

Janmastami

NOB डेस्क : कोसी समेत आसपास के क्षेत्रे में जन्माष्टमी की धूम मची हुई है। शहर के कई कृष्ण मंदिरों सहित पूजा पंडालों में भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड उमड़ पड़ी। शहर के स्थित श्री कृष्ण मंदिर के अलावे शिव मंदिर सहित कई अन्य जगहों पर गुरूवार की रात भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर देर रात तक पूजन चलता रहा। रात्रि में कृष्ण जन्म के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया है। शहर के जन्माष्टमी मेला में भगवान श्री कृष्ण सहित अन्य की प्रतिमांए स्थापित की गयी। श्री कृष्ण मंदिर में देर रात पूजन के बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर में स्थापित भगवान श्रीकृष्ण व राधा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की टोली जुटी रही।

श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भगवान के दर्शन कर उनके समक्ष दीप जलाए तथा मन्नतें मांगी। कईयों ने मन्नत पूर्ण होने पर भगवान की चरणों में उपहार स्वरूप कई भेंट चढ़ाए। कृष्ण भक्त पंकज कुमार ने सपरिवार पूजन के बाद भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में झूला भेंट कर सुख समृद्धि का आर्शीवाद मांगा। वहीं व्यवस्था आयेाजन में जुटे मंदिर के संरक्षक मंदिर में शुक्रवार को करीब आसपास के गांवों के करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन किये, शाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पचास युवाओं को तैनात किया गया था।
जन्माष्टमी के अवसर पर दो दिवसीय नाच कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं मंदिर को रंग-बिरंगे बल्वों से सजाकर तैयार किया गया था।
बैलून एवं पालकी पर बाल कृष्ण की प्रतिमा लगाकर मंदिरों को आकर्षक रुप से सजाया गया था। जिसका आकर्षण देखते ही बनता था।

गुरुवार की रात कृष्ण जन्मोत्सव पर स्थानीय सावलिया कुंज महावीर ठाकुरवाड़ी में यह गीत खूब गूंजा।
मच गया शोर सारी नगरी रे।।
आया बिरज का ग्वाला संभाल अपनी गगरी रे ।।

मौके पर भजन कीर्तन के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालु जमकर झूमे। मौके पर एक के बाद एक कई सुमधुर गीत प्रस्तुत किए जा रहे थे जिस पर श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में मुग्ध हो रहे थे। महिलाओं के अलावा पुरुष एवं छोटे बच्चों के द्वारा भी उपवास रखा गया था। श्रद्धालुओ के द्वारा रात्रि 11: 45 पर कृष्ण जन्मोत्सव के बाद फल का सेवन कर उपवास तोड़ा गया।

जनमाष्टमी के मौके पर उमड़ती रही है भीड़
धरती पर प्रेम व स्नेह को परिभाषित करने तथा मानव को अपने कर्म के अनुसार फल मिलने का संदेश देने के लिए सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु के अवतार के रूप में अवतरित हुए। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के मौके पर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर परिसर में मुख्यालय सहित आस पास के कई पंचायतों के श्रद्धालु पूजा अर्चना व आराधना करने पहुंचते रहे हैं। वहीं पूजा के मौके पर उपस्थित होने वाले भीड़ के मद्देनजर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया गया था।

सार्वजनिक सहयोग से होता रहा है आयोजन
गौरतलब हो कि जन्माष्टमी का त्योहार भव्य व आकर्षक तरीके से मनाया जाता रहा है। त्योहार को हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाये जाने को लेकर दो दिवसीय त्योहार के मौके पर सप्ताह से अधिक दिनों तक विविध प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करवाया जाता है। हर वर्ष श्रावणी पूर्णिमा के संध्याकाल से ही बुधवार की देर रात्रि तक श्रीकृष्ण मंदिर उत्तर परिसर में जहां श्रीमद्भागवत कथा की संगीतमय प्रस्तुति करायी गयी। वहीं श्री श्री 108 श्रीकृष्ण मंदिर दक्षिण परिसर में जन्माष्टमी के मौके पर रामलीला का आयोजन किया गया। वहीं श्रीकृष्ण पूजा के मौके पर उक्त दोनों मंदिर परिसर में गुरुवार व शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। उक्त मंदिर परिसर में यह आयोजन दशकों पूर्व से सार्वजनिक सहयोग से कराया जा रहा है।

शेषनाग पर स्थापित श्रीकृष्ण प्रतिमा बना रहा आकर्षण का केंद्र
वैसे तो श्रीकृष्ण पूजा के मौके पर दर्जनों देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित कराया जाता है। लेकिन श्रीकृष्ण पूजा समिति दक्षिण परिसर में कुछ वर्षों से एक विशेष प्रतिमा भी स्थापित करायी जाती रही है। जो इस महोत्सव में श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना होता है। इस वर्ष उक्त मंदिर में शेषनाग के ऊपर श्रीकृष्ण की प्रतिमा को स्थापित किया गया था।

त्योहार के मौके पर भव्य मेला का आयोजन
आयोजन समिति द्वारा त्योहार के मौके पर भव्य मेला का आयोजन भी किया गया था। जहां मेला के दृश्य को देख बच्चों का उत्साह चरम पर होता है। वहीं मेला घूमने आये श्रद्धालुओं को उचित कीमत पर पूजन सामग्री सहित श्रृंगार व अन्य सामग्रियों उपलब्ध हो जाता है। वही अररिया जिला के फारबिसगंज के स्टेशन चौक हनुमान मंदिर, बड़ा शिवालय, लक्ष्मीनारायण मारवाड़ी ठाकुरवाड़ी, पंच मुखी हनुमान मंदिर, थाना परिसर स्थित शिव मंदिर, गोदना ठाकुरवाड़ी सभी जगहों पर जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओ का भारी भीड़ लगी रही वही ग्रामीण क्षेत्रे लहसनगंज, ठिलामोहन, समोल ,तिरसकुंड, हललिया, खैरखा, अमहरा, खवासपुर, घोड़ाघाट, रमई आदि क्षेत्रे के मंदिरों में भी संध्या से ही भजन कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हो था। वहीं राधाकृष्ण के वेश में मौजूद छोटे छोटे बच्चों को देख हर कोई रोमांचित हो रहा था।

एक बड़ी आबादी वाले कर्णपुर गांव में दो स्थानों पर जनमाष्टमी का मेला आयोजित होने से एक दूसरे के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना भी जग जाती है। जिस कारण मेला का आकर्षण और भी बढ़ जाता है। वहीं राष्ट्रीय त्योहार के मौके पर विद्यालयों में छुट्टी रहने के कारण बच्चों की टोलियों ने जम कर मेला का लुफ्त उठाया।

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