11, Dec, 2016
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बाढ़ ने 1500 गांव और 10000 घर को किया बर्बाद!

flood

पटना, 28 जुलाई। नेपाल में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राज्य के आठ जिलों में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। महानंदा, कोसी, परमार, बखरा एवं कंकई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से लगातार ऊपर है। बताया जा रहा है कि 43 प्रखंडों के 15 सौ गांवों में बाढ़ का पानी पूरी तरह फैल गया है। तीन दिनों में अबतक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दस हजार से अधिक कच्चे-पक्के घर तबाह हो चुके हैं।

हथियारबंद ग्रामीणों ने काटा बांध, सैकड़ों गांव डूबे
कोसी – सीमांचल में बाढ़ की स्थिति विकट होती जा रही है। कटिहार में हजारों लोगों ने हरवे-हथियार से लैस होकर महानंदा तटबंध काट दिया। पुलिस-प्रशासन द्वारा इन लोगों को रोकने का प्रयास विफल साबित हुआ। बांध कटने के बाद कदवा समेत अन्य कई इलाके भीषण बाढ़ की चपेट में आने की आशंका है।

कटिहार के हालात पर सेना की नजर

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज एवं अररिया जिले में है। कटिहार के हालात पर सेना की भी नजर है। बाढ़ से लगभग तीन लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। कदवा, आजमनगर, बलरामपुर व प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र में स्थिति विकराल हो गई है। महानंदा नदी में उफान से तटबंध के अंदर मौजूद लगभग तीन दर्जन से अधिक पंचायत जलमग्न है। इधर, बांध में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर रिसाव के चलते बड़ी आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटबंधों की पहरेदारी को लोग रतजगा कर रहे हैं।

सात सौ नावों से राहत बचाव
महानंदा, बखरा, कंकई, परमार एवं कोसी नदियों में उफान से पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार एवं सुपौल जिलों की स्थिति खराब है। प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव के लिए सात सौ अधिक नावों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें हालात पर नजर रखे हुए है। अभी तक चार लाख लोग बेघर हो चुके हैं। राहत शिविरों में 1.16 लाख लोग शरण लिए हुए हैं। बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ के अलावा अन्य तरह की बीमारियों एवं सांप-बिच्छू को लेकर है। इसके लिए डाक्टरों की टीमें मौके पर भेजी जा रही हैं।

मधेपुरा में बाढ़ के पानी में डूबकर बच्चा मरा

बुधवार को मधेपुरा में बाढ़ के पानी में डूब कर एक बच्चे की मौत हो गई। अररिया के सिकटी में बकरा नदी में एक दर्जन घर विलीन हो गए जबकि कई सड़कें बाढ़ के पानी में डूबी हैं। पूर्णिया जिले के दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। पश्चिम चंपारण के भितहां और ठकराहां प्रखंड के करीब एक दर्जन गांवों में बुधवार को पानी घुस गया। प्रभावित लोगों ने पीपी तटबंध पर शरण ली है। दरभंगा के किरतपुर व घनश्यामपुर प्रखंड स्थित प्रभावित गांवों में राहत व बचाव का कार्य जारी है। सुपौल के बसुआ में कोसी स्थिर रही। खगड़िया के संतोष स्लूइस के पास बागमती में भी उफान रहा। सीमांचल में बाढ़ विकराल रूप धारण करती जा रही है। गांवों का मार्गो से संपर्क टूट गया है।

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