07, Dec, 2016
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शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब का Exclusive साक्षात्कार…आगे की रणनीति का किया खुलासा

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एक शख़्स ग्यारह साल के लंबे इंतज़ार के बाद सलाखों की कैद से आज़ादी पाता है। पटना हाई कोर्ट से मिली जमानत के बाद भागलपुर जेल से अपने घर के लिए अपने समर्थकों के संग चल पड़ता है। हरदिल अज़ीज़ और दीवानगी की हद तक लोकप्रिय यह शख्सियत रास्ते भर लोगो की मोहब्बत और इस्तेकबाल कों कुबुल करते हुए रात को लगभग 10 बजे अपने घर के दरवाज़े तक पहुचता है। घर पर इंतज़ार कर रहे बूढ़े माँ बाप और शरीके हयात की आँखों में ख़ुशी के आँसू होते है।
वक्त की अपनी रवानी होती है और सियासत में सब की अपनी अपनी कहानी होती है। अपनी रफ़्तार से वक्त का पहिया चल पडता है।ख़ामोश पानी में कोई पूरी बेदर्दी से पत्थर मार देता है। महज 20 दिनों की आज़ादी के बाद वो शख्स फिर सलाखों के पीछे कैद कर दिया जाता है। उस शख्स के जेल जाने से सिवान में कोहराम मच जाता है। सिवान से बहरीन तक बबुनिया रोड से बंगलुरु तक चहुओर मातम पसर जाता है। आखिर क्यों हज़ारो हज़ार की भीड़ मातमी सन्नाटे में तब्दील हो जाती है।
आखिर अपने साहब से इतनी शिद्दत से लोग प्यार क्यों करते है ?आखिर वो कौन सी तिलिस्मी या जादुई ताकत है जो सैकड़ो हजारो को उनकी एक झलक पाने को घंटो सड़क पर खड़े रहने को मजबूर कर देती है? इन तमाम सवालात पर पहली बार पूर्व सांसद डॉ.मोहम्मद शहाबुद्दीन की शरीके हयात श्रीमती हीना शहाब के बेबाक जवाब ….

सवाल – क्या आपके शौहर शहाबुद्दीन निर्दोष हैं?

हीना शहाब – जी

सवाल – क्या आप कोर्ट हैं जो उनको बेगुनाह कह रही हैं ?

हीना शहाब – न्यायालय सर्वोपरि है पर जो जाँच चल रही है और जिन मुआमलों में सजा हुई है। अगर और भी अच्छे से जांच होगी तो निर्दोष साबित हो जाएंगे।

सवाल – एमपी साहब की पृष्टभूमि एक दबंग नेता के साथ साथ एक छवि अपराधियों वाली भी रही है इस बारे में क्या कहना है।

हीना शहाब – गरीबों के साथ न्याय और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना अपराध नहीं है। किसी ज़माने में बाबु साहेब लोगो की ज़मीन पर जब जबरन कब्ज़ा किया जाता था तो वो शहाबुद्दीन ही थे जो पीड़ितों के साथ खड़े रहते थे। आज भी सिवान में लोग उन्हें उतना ही प्यार करते हैं जितना पहले करते थे।जिसका सबूत पिछले कई दिनों में आप देख सकते हैं।

सवाल – शहाबुद्दीन साहब के ऊपर मुख्य गवाह की हत्या का भी आरोप है, क्या कहना है इस बारे में?

हीना शहाब- ये सवाल तो आप तब पूछते जब उन्हें किसी तरह के कानूनी कार्यवाही में फायदा पहुचता, उन्हें जिस केस में सजा मिली उसके गवाह की हत्या वो भी जब वो अपना बयान दर्ज करा चुका हो, क्या ये आप को तर्क संगत लगता है? ये उनके विरोधियो की चाल थी, गवाह के हत्या से विरोधियो को दो तरह से फायदा पहुंच रहा है। पहला कि शहाबुद्दीन जी को बदनाम किया जा सके और दूसरा विरोध करने वालों को वोट का लाभ मिल सके। क्योंकि सिवान में विकास की जो भी चीज़ आपको दिख रही है वो आज भी शहाबुद्दीन साहब की वजह से ही है।

सवाल – इतने साल जेल रहने के बावजूद आपने या आपके पति ने कभी पार्टी बदलने की नहीं सोची, क्यों?

हीना शहाब – पार्टी बदलना बड़ी बात नहीं है मुझे लगता है पार्टी की नीति पर चलना और समाज की भलाई का काम करना बड़ी बात है..

सवाल – इतने सालो बाद जमानत मिली फिर दुबारा जेल जाने को आप कैसे देखती हैं?

हीना शहाब- मेरे साथ पूरा देश ये जनता है कि ये कार्यवाही उनके ईमानदार छवि, लोकप्रियता और विकास को धूमिल करने की कोशिश है। ये सब भली भाँती समझते हैं। बिहार के अलावा दूसरे राज्य में ऐसे कितने नेता हैं जिनके ऊपर ऐसे ऐसे आपराधिक मामले लंबित पड़े हैं लेकिन उसपर कोई कार्यवाही नहीं होती। अमित शाह का नाम आया एक आत्महत्या के मामले में, मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला देश के इतिहास में एक काला धब्बा है लेकिन उनपर किसी पर कार्यवाही नहीं होती। असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा, कोडनानी और न जाने कितने नाम हैं जो जमानत पर देश में आज़ाद घूम कर माहौल ख़राब करने का काम कर रहे हैं लेकिन जिस सिवान में शहाबुद्दीन को इतना प्यार दिया जाता है आखिर यही क्यों मीडिया के नज़र में डर का कारण बन गए ? ये सरासर एक सियासी चाल है और इसके पीछे जिनका भी हाथ है वो अगले इलेक्शन में उसका खामियाजा भुगतेंगे।

सवाल – क्या आपको लगता इसके पीछे लालू जी और नीतीश जी का हाथ है क्योंकि नितीश जी ने ही सुप्रीम कोर्ट में अपील किया था?

हीना शहाब – हमारे नेता न नीतीश जी थे और न अब हैं। लालू जी से हमारा रिश्ता शुरू से रहा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में जमानत के विरुद्ध याचिका तथा लालू जी का राम जेठ मालानी जी को रोकना उनके मंशा को साफ दर्शाता है कि अब शायद उन्हें हमारी ज़रूरत नहीं रही है।

सवाल – मतलब ?

हीना शहाब -मतलब ये कि लालू जी और नीतीश जी अपने परिवार को आगे बढाने के लिए अपने पुराने और ईमानदार वफादार साथियो के साथ ईमानदार नहीं हैं।

सवाल -आगे आपकी क्या तैयारी है? क्या आप आगे भी चुनाव लड़ेंगी?

हीना शहाब- चुनाव लड़ेंगे और अब हमारे लिए दूसरे पार्टी के लिए भी दरवाज़ा खुला है तो बिहार में अच्छी सरकार बनाने के बारे में सोचा जा सकता है।

सवाल – क्या आप बीजेपी से कभी चुनाव लड़ सकती हैं ?

हीना शहाब – चुनाव किसी पार्टी से लड़ने की बात नहीं है, बात ये है कि हमें जिस पार्टी से डराया जाता है कि बीजेपी किसी खास समुदाय की विरोधी पार्टी है तो बात गलत है। अभी की गठबंधन सरकार शायद उससे कहीं ज़्यादा नुकसान पंहुचा रही है इसलिए हमारे लिए तो हर पार्टी एक जैसी है और इससे मुझे कोई फर्क भी नहीं पड़ता। क्योंकि सिवान की जनता हमसे प्यार करती है हमारे किए काम को आज भी दुनिया जानती है। पिछले दशक में ऐसा क्या हुआ है जिसे देख कर आप बता सके कि शाहबदुद्दीन जी ने सिवान को नुकसान पहुचाया है ? उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज दिया, मेडिकल कॉलेज दिया, सड़के अच्छी बन गयी थी, कभी भी साम्प्रदायिकता वाला माहौल नहीं था और आज आप देख सकते हैं जो हमारे विरोधी नेता हैं वो काम कुछ नहीं कर रहे लेकिन सिवान को धर्म के नाम पर बाँट रहे हैं।

आखिरी सवाल – सिवान के जनता को क्या सन्देश देना चाहेंगी?

हीना शहाब – सिवान की मैं बेटी हूँ तो यही कहना चाहूंगी कि अपना प्यार और विश्वास ऐसे ही बनाये रखिए। सिवान एक ऐसी जगह है जिसे दुनिया राजेंद्र प्रसाद जी के नाम से जानती है इसे बर्बाद होने से और टूटने से बचने के लिए सांप्रदयिकता फ़ैलाने वालो से दूरी रखिए। बहुत से नौजवान हमारे सिवान का नाम रौशन कर रहे हैं। जिनकी गूंज विदेशो तक सुनाई देती है। इससे हम सब सिवान के लोग गर्व महसूस करते हैं। और दुआ करते हैं कि सभी सिवान के लोग सौहार्द के संग और आपस में मिल कर रहे और खूब तरक्की करें।

हीना जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद जो अपने बड़ी ईमानदारी से और साफ़ साफ़ जवाब दिया

हीना शहाब – जी धन्यवाद

सौजन्य – सिवान सोशल मीडिया न्यूज़

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