05, Dec, 2016
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मैं जिंदा हूं साहब, मुझे जीने के लिए अनाज चाहिए…

24_10_2016-banka

बांका, 24 अक्टूबर। बिहार में एक ऐसा जिला जहां लोगों को अनाज के लिए लोगों को गुहार लगानी पड़ती है। हम बात कर रहे हैं चांदन प्रखंड का जहां खाद्य सुरक्षा योजना का अनाज लेने के लिए लोगों को हाजिरी लगानी पड़ती है। मैं जिंदा हूं साहब, मुझे जीने के लिए अनाज चाहिए। कुसुमजोरी पंचायत के दिलीप महतो की पत्नी पुरनी देवी तीन दिनों से प्रखंड कार्यालय में गुहार लगा रही है, लेकिन अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं कि पुरनी देवी जिंदा है।

आपको बताते चले कि पुरन देवी को चार दिन पहले चौकीदार के माध्यम से चिट्ठी मिली थी। उसे पहले एमओ के पास भेजा गया। वहां उसे बीडीओ के पास भेजा गया है। अब शपथ पत्र की मांग की जा रही है कि वह जिंदा है। पूरा मामला खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ा हुआ है। लापरवाही की हद यह है कि घर बैठे ही लाभुकों की सूची बना दी गई है। शिकायत आने के बाद सूची की जांच की गई तो पता चला कि बड़े पैमाने पर अपात्र लाभुकों के नाम भी इसमें जोड़ दिए गए हैं। टोला सेवकों, पंचायत रोजगार सेवकों आदि ने इस सूची को बनाया था। सूची से गलत नाम हटाने के लिए जिलाधिकारी ने नोटिस जारी की थी। तब पता चला कि कई जिंदा लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है। वहीं दुसरी ओर बिरनिया पंचायत के झिंगाझाल गांव में झोपड़ी को पक्का मकान बता दिया गया है। पक्के मकान वाले लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलता है। चांदन प्रखंड में ऐसे 1816 लोगों के नाम गलत हैं। गीता देवी, सुलोचना देवी, गौरी देवी, मनकी देवी, देवकी देवी, अंजू देवी आदि के बारे में भी गलत रिपोर्ट की गई है।

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