05, Dec, 2016
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

ईमानदार बिहारी अधिकारी की राम कहानी, जर्जर घर से टपक रहा पानी !

manoj

भागलपुर, 22 अक्टूबर। नगर निगम में कार्यालय अधीक्षक के पद पर तैनात मनोज कृष्ण सहाय अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। 36 साल नौकरी कर चुके मनोज उन बाबूओं के लिए परेशानी का सबब हैं जो भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े जाते हैं।

कहा जा रहा है कि लगभग 12 साल पहले एक अधिकारी ने फाइलों पर हस्ताक्षर के बदले नगर निगम के कर्मचारी पर पैसे लेने का दबाव बनाया। पैसे नहीं देने पर अधिकारी ने मनोज को चेंबर में बुलाया। अधिकारी के पूर्जे पर जितनी फाइल थी, प्रति फाइल 250 रुपये जोड़कर अपना हिस्सा मांगा। पर मनोज ने कहा कि वह न खुद घूस लेते हैं न किसी के लिए वसूली कर सकते हैं। फिर अधिकारी ने उन्हें भला बुरा कहकर अपने चेंबर से निकाल दिया।

समय बीतता गया बहुत बाद में किसी ने उस अफसर को मनोज का जर्जर घर दिखाया। घर की स्थिति अफसर अवाक रहा गया। उस समय उसकी टिप्पणी थी कि यह जीवन भर भीख मांगने वाला ही रह जाएगा। उस कर्मचारी का स्वभाव जानकर अफसर ने अपना खुन्नस तो छोड़ दिया। लेकिन अपने हस्ताक्षर की कीमत जानने वाले दूसरे अधिकारी को वह जिम्मेदारी सौंप दी।

मनोज छात्र जीवन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कई लड़ाई लड़ चूके है। लेकिन जब से नौकरी के लिए कदम बढ़ाया तो भ्रष्टाचार के कारण मुश्किलें झेलनी पड़ी। अनुकम्पा पर ज्वाइन करने वाले मनोज सेटिंग-गेटिंग नहीं कर पाए इसलिए चतुर्थवर्गीय कर्मचारी का पद ही मिल सका। लेकिन काम अधिकारियों वाला दिया गया। अपनी ईमानदारी और कार्यकुशलता के आधार पर आज वह कार्यालय अधीक्षक हैं। इससे पहले वह योजना शाखा, कर शाखा, स्थापना शाखा, जलकल शाखा और जन्म-मृत्यु शाखा, सहित अन्य विभागों में रहे है।

पिछले 3 साल को छोड़ दें तो पहले कभी किसी विभाग में स्थायी नहीं रहे है। मनोज कहते हैं कि मैं बस अपनी नौकरी करता हूं। जो वेतन मिलता है मै उसी में अपना जीवन यापन करता हुं। नौकरी में मैनें बहुत कुछ खोया पर लोगों का विश्वास कभी नहीं खोया। आज मै जो कुछ भी हूं बस अपनी ईमानदारी के वजह से हूं।

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

newsofbihar

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME