05, Dec, 2016
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जहानाबाद की प्रमुख खबरें…..

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पंकज कुमार की रिपोर्ट

जहानाबाद, 10 नवम्बर

जहानाबाद की प्रमुख खबरें

बैरंग वापस लौटे मजदूर

काम की तलाश में सुबह स्थानीय अरवल मोड़ पर जुटे मजदूरों को भी नोटों के प्रचलन बंद होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। हालांकि सरकार के इस बड़े फैसले के कारण मजदूरों में भी हर्ष का माहौल देखा गया। वे लोग भी यह कहते सुने गये कि इससे काला धन सहेजने वालों पर असर होगा। उनके द्वारा जमा किये गये नोट अब बेकार हो जायेंगे। काम की तलाश में जुटे मजदूरों को भी खुले पैसे के अभाव में कठिनाईयां हुई। छुटे पैसे नहीं रहने के कारण उन्हें खाना मिलने में भी परेशानी हुई। मजदूरों को दिन भर काम करने के उपरांत घर के लिए प्रतिदिन राशन खरीदने की मजबूरी रहती है। खुले पैसे के अभाव में उन्हें खाली हाथ ही वैरंग वापस लौटना पड़ा।

नोट देखते हीं दुकानदारों ने कहा ना बाबा ना

बडे नोटों का प्रचलन बंद होने के कारण स्थानीय बाजार में अजीब स्थिति कायम हो गई थी।पांच सौ या एक हजार रुपये का नोट देखते हीं दुकानदार ना बाबा ना करते हुए हाथ जोड़ रहे थे। सभी लोग खुदे पैसे लेकर हीं समान देने को तैयार थे। अगर ग्राहक परिचित निकला तो उन्हें उधार ही समान ले जाने के लिए दुकानदार आरजू मिन्नत करते देखे गये। किराना दुकान से लेकर सब्जी दुकानों की स्थिति ऐसी हीं थी। दुकानदार उधार समान देने के लिए तैयार बैठे थे लेकिन रुपये लेकर समान नहीं दे रहे थे। कई दुकानों पर तो समान पैक कराने के बाद भी छुटे पैसे नहीं होने के कारण ग्राहकों को खाली हाथ लौटने को विवश होना पड़ा। पांच सौ एवं एक हजार का नोट देखकर दुकानदार कान पकड़ रहे थे।

आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के पहले बंद हो चुके थे रास्ते

कहते हैं कि कयामत आने का एहसास भी लोगों को पहले से होने लगता है। लेकिन काले धन पर प्रधानमंत्री के सर्जिकल स्ट्राइक एहसास तब हुआ जब सारे रास्ते बंद हो चुके थे। नतीजा हुआ कि जेब में पैसे रहने के बाद भी लोग अपने जरुरत के सामान नहीं खरीद सके। बुधवार को सबेरे जब आंखे खूली तो सामने सौ का नोट घूम रहा था। दरअसल रात में हीं सब लोगों को सर्जिकल स्ट्राइक का पता चल गया था। सुबह उठते ही सबसे पहले जेब देखा तो मन उदास हो गया। पहले जिस गांधी के चेहरे को देखकर दिल खुश हो जाता था वहीं चेहरा आज आंखें चिढ़ा रहा था। जेब खंगालने के बाद दो सौ और पचास के तीन नोट नजर आये। मन थोड़ा शांत हुआ। सब्जी, दुध और कुछ दवाएं लेनी थी। खैर तैयार होकर घर से बाहर निकला तो कुछ लोग मिल गये। सभी लोग यही चर्चा कर रहे थे। बाजार गए तो वहां भी यही चर्चा हो रही थी। खैर सब्जी वाले की दुकान पर गये लेकिन वह पहले ही बोला कि सौ का नोट है न। मैंने कहा हां भाई है। इसी बीच उस दुकान पर एक महिला सब्जी लेने पहुंची। दुकानदार ने उससे से भी वही सवाल किया। मगर उसके पास पांच सौ का नोट था। दुकानदार भी कहां मानने वाला था। आखिरकार महिला बिना सब्जी लिए वापस चली गई। फिर दूध के दुकान पर पहुंचा। वहां भी वहीं हाल था। दूध लेने के बाद जब मैंने अपना पर्स देखा तो पचास रुपये का एक नोट बचा था। बांकी जो पैसे थे वह एक हजार और पांच सौ नोटों के रूप में। वापस घर पहुंचा तो मन में अंतर्द्वंद मचा था। एक हजार और पांच सौ के नोट को अचानक बंद कर देने के बाद लोगों की दिनचर्या कैसी होगी। यह जानने की ललक थी। इसी वास्ते दोपहर में शहर की ओर निकल गया वहां का हाल जानने के लिए। बाजार का हाल बुरा था। सिमेंट, छड के दुकानदान हाथ पर हाथ धरे बैठे थे। ग्राहक तो आ रहा था मगर बात हजार और पांच सौ के नोट पर अटक जा रही थी। रेस्टुरेंट में भी सन्नाटा पसरा था। जेब में हजार के नोट रहने के बावजूद लजीज व्यंजन खाने का आनंद नहीं ले पा रहे थे। यहां तक कि समोसे वाले भाईया भी पहले कन्फर्म हो रहे थे कि कहीं इसके पास पांच सौ का नोट तो नहीं है। कमोवेश दुकानों के बाहर वहीं लोग खड़े थे जिनके पास सौ, पचास या इसे नीचे के नोट थे। पेट्रोल पंप पर एक हजार, पांच सौ का नोट चल जा रहा था लेकिन सौ, दौ सौ का तेल लेने वालों को ना कहा जा रहा था। उन्हें पूरे पांच सौ का तेल डलवाना पड़ रहा था। बहरहाल शाम तक वापस घर लौट आया। घर आने के बाद मंथन किया कि आज अमीर कौन है। नतीजा निकला की जिसके पास छोटा नोट है आज वही अमीर है। एक हजार पांच सौ वाले तो वैसे गरीब निकले कि पेट की भूख और मन की चाहत को पुरा नहीं कर सकते। उनके लिए ये नोट कागज के टुकड़े से ज्यादा कुछ नहीं था।

पतिदेव के सामने खुल रही उनकी पोल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा काले धन को रोकने को लेकर लिये गये फैसले का कितना असर पड़ेगा यह तो आने वाला दिन बतायेगा लेकिन इसका त्वरित असर धर्मपत्नियों पर पड़ा है। पतिदेव के सामने उनकी पोल खुल गई है। अमुमन हर बात पर पति के सामने पैसे का रोना रोने वाली पत्नियां आज अपने पति से ज्यादा अमीर निकली। धीरे धीरे पति का जेब हल्का कर बक्से में रखे धर्मपत्नियों के हजार एवं पांच सौ के नोट बाहर निकले तो पतिदेव भी आश्चर्यचकित रह गये। दरअसल रात में जैसे ही यह खबर आग की तरह फैली की हजार और पांच सौ के पुराने नोट नहीं चलेंगे तभी से पत्नियों की बेचैनी बढ़ गई। वह उलझन में पड़ गई। आखिर उन पैसे का क्या होगा जो पतिदेव के जानकारी के बगैर धीरे धीरे बक्से में जमा किये थे। पत्नियां सोंच रही थी कि अगर कहती हूं तो पतिदेव के सामने पोल खुल जाएगी। कल ही तो उनसे पैसे मांगे थे कि मेरे पास पैसे नहीं है और बेटे के स्कूल का फीस जमा करना है। उनके कहने के बाद भी मैं इनकार कर गई थी। तुनककर जवाब दिया था कि मेरे पास क्या पैसे का पेड़ है जो आप देते हैं उसका भी तो पाई पाई का हिसाब तो दे हीं देते हैं। अब जो उनको कहूंगा कि हजार और पांच सौ के कुल 35500 रुपये हैं तो वे क्या सोंचेंगे। अगर यदि नहीं कहें तो वे पैसे कागज के टुकड़े हो जायेंगे। इस द्वंद में फंसे पत्नियों के सामने पैसे की ममता भारी पड़ी। आखिरकार फैसला किया कि सुबह हुई पत्नियां अपने पति पर कुछ ज्यादा ही प्यार न्योछावर कर रही थी।पति भी इस परेशान रुप को देखकर यह सोंच रहे थे कि आखिर बात क्या है जो इतना प्यार उमड़ रहा है। पत्नी कहती है जरा सुनिए न। हजार और पांच सौ के पुराने नोट अब सही में नहीं चलने वाला है। पति का जवाब था रात में टीवी पर तुम भी तो खबर देख रही थी। अब समझों पुराने हजार और पांच सौ के नोट कागज के महज एक टुकड़े हो गये लेकिन इससे हमें क्या फर्क पड़ने वाला है। हमारे पास तो है हीं नहीं। इतना सुनते हीं धर्म पत्नी का बीपी बढ़ने लगा। बहुत हिम्मत कर धीरे से बोली। मेरे पास कुछ है। इसे बदलवा दीजिए ना। पति आवाक होकर बोला कितना है। जवाब दी जब आप रात में सो गये थे तो गिने थे। कुल 35500 रुपये हैं। पति की आंखें फटी, मन ही मन सोंचा कि कल तो बोली थी कि पैसे नहीं है। अब पोल खुल रही

शिक्षक के घर से लाखों की चोरी

नगर थाना क्षेत्र के होरिलगंज मुहल्ला स्थित बिरेन्द्र शर्मा के मकान में किराएदार शिक्षक के घर से चोरों ने देर रात जेवरात सहित एक लाख से अधिक की सामानों की चोरी कर ली। इस मामले में गांधी स्मारक उच्च विद्यालय में पदस्थापित एनसीसी के शिक्षक जयराम शर्मा द्वारा अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। बताया जाता है कि मकान के नीचे तले में रहने वाले शिक्षक सपरिवर सोए हुए थे। इसी दरम्यान चोरों ने सीढ़ी के जरीए प्रथम तले पर चढ़कर घर में उतरकर रखे गये सोने का चेन, मंगलसूत्र, अंगूठी, मोबाइल सहित एक लाख से अधिक के सामानों की चोरी कर ली। अहले सुबह जब शिक्षक अपनी मोबाइल को खोजने के लिए उठे तो उन्हें चोरी की घटना की जानकारी मिली। घर में विखरे समानों को देखकर उन्होंने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। तत्पश्चात पुलिस को खबर किया गया। पुलिस अज्ञात चोरों को दबोचने के लिए प्रयासरत है।

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