बिहार एक बार फिर किया निचे से टॉप, गुड गवर्नेंस के मामले में सबसे ख़राब राज्य बना !

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बिहार मुख्यमंत्री नितीश कुमार को “सुशासन बाबु” के नाम से भी जाना जात है। पिछले लगभग 14 साल से वे ही राज्य के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं। फिर भी गुड गवर्नेंस के मामले में बिहार सबसे निचले पायदान पर हैं। हाल ही में एक संस्था द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की शासन व्यवस्था(गुड गवर्नेंस) में दक्षिणी राज्य केरल पहले स्थान पर है। वहीं बिहार इस सूची में सबसे निचले पायदान पर है।

देश में बेस्ट गवर्नेंस के लिए प्लानिंग अफेयर्स सेंटर (पीएसी) थिंक टैंक ने पब्लिक अफैयर्स इंडेक्स 2018 की एक लिस्ट जारी की है। पीएसी के मुताबिक, बेस्ट गवर्नेंस के मामले में केरल देश का सबसे बेहतरीन राज्य साबित हुआ है। वहीं, कर्नाटक चौथे स्थान पर है। पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स 2018 की लिस्ट में केरल टॉप पर है और लगातार तीन साल से बेस्ट गवर्नेंस के रूप में नंबर एक स्थान पर काबिज है। आर्थिक आजदी के मामले में गुजरात का पहला स्थान है। कर्नाटक ‘पारदर्शिता और जवाबदेही’ की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्य है।

पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स 2018 की बेस्ट गवर्नेंस की इस रिपोर्ट में केरल के बाद तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, और गुजरात टॉप 5 में शामिल है। वहीं, छोटे राज्यो में देखा जाए तो हिमाचल प्रदेश टॉप पर है और उसके बाद गोवा, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा का बेस्ट गवर्नेंस स्टेट साबित हुए है। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार की स्थिति को सबसे बदतर बताया गया है, जहां सबसे ज्यादा सामाजिक और आर्थिक असमानताएं देखी गई है। देश के ये तीन आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से बड़े राज्य बेस्ट गवर्नेंस के मामले में सबसे निचले पायदान पर है। वहीं लॉ एंड ऑर्डर के मामले में हरियाणा सबसे निचले पायदान पर बतया गया है।

यह थिंक टैंक सभी भारतीय राज्यों की आवश्यक बुनियादी ढांचे, मानव विकास, सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ कानून और व्यवस्था जैसे 10 विषयों पर विचार कर रिपोर्ट पेश करती है। पीएसी साल 2016 से हर साल राज्यों की शासन व्यवस्था को लेकर एक सूची जारी करती है। इस रिपोर्ट में राज्यों के सामाजिक और आर्थिक विकास के आंकड़ों के आधार पर शासन-व्यवस्था के प्रदर्शन की रैंकिंग की जाती है।