23 जून, 2017
To Advertise on this Website call Us on 9155705448, 8130906081
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

आप भी पढ़ें कहानी इस मंदिर की… जहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने आती थीं केकैयी !

kaikee

पंकज कुमार की रिपोर्ट

जहानाबाद, 5 नवंबर: काको प्रखंड मुख्यालय में स्थित सूर्य मंदिर का प्राचीन इतिहास है। सूर्योपासना के इस विख्यात केंद्र में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु छठ व्रत के लिए यहां पहुंचते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर छठव्रत करने पर सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यहां भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति है। विष्णु मंदिर कार्यकारिणी समिति के लगातार 21 वर्ष सचिव रहे राजेंद्र सिंह ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि प्राचीन काल में पनिहास के दक्षिणी-पूर्वी कोने पर राजा ककोत्स का किला था। उनकी बेटी केकैयी इसी मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने आती थीं। ककोत्सव की बेटी ही कलांतार में अयोध्या के राजा दशरथ की पत्नी बनी थी। भगवान विष्णु की प्रतिमा आज काको सूर्य मंदिर में स्थापित है। बताया जाता है कि 88 एकड़ में फैले इस पनिहास का जब सन् 1948 में खुदाई कराई जा रही थी तो भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति मिली था। उस प्रतिमा को प्राण- प्रतिष्ठा के उपरांत पनिहास के उत्तरी कोने पर स्थापित किया गया। सन् 1950 में आपसी सहयोग के जरिए भगवान विष्णु का पंचमुखी मंदिर का निर्माण कराया गया, जो आज अस्था का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर के चारों कोने पर भगवान भाष्कर, बजरंग बली, भगवान शंकर व पार्वती एवं मां दुर्गे की प्रतिमा स्थापित है। बीच में भगवान विष्णु की प्राचीनतम मूर्ति है। आस्था के इस महत्वपूर्ण केंद्र को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह कायम रहता है। प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के बावजूद लोग घाटों की साफ-सफाई अपने स्तर से कराते हैं। बीडीओ नवकंज कुमार द्वारा घाटों की साफ-सफाई के साथ सभी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। गहरे जल वाले घाटों पर एसडीआरएफ एवं गोताखोरों की टीम को भी लगाया जा रहा है। आमजनों की सुरक्षा एवं सहायता प्रदान करने के लिए सीसी कैमरे के साथ ही कंट्रोल रूम की भी व्यवस्था की जा रही है।

ये भी पढे़ं:-   दरभंगा : गौशाला में गायों को नहीं मिल रहा दो वक्त का चारा

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

loading...

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME