अगले महिने लगेगा 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, जानिए किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

Super-Blue-Blood-Moon-crop
Super-Blue-Blood-Moon-crop
Advertisement

नई द‍िल्‍ली : आज से ठीक एक महीना बाद 27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा और पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने वाला है. 21वीं सदी में अभी तक इतनी लंबी अवधि वाली चंद्र ग्रहण नहीं लगी है. इस बार चंद्र ग्रहण की पूरी अवधि लगभग 1 घंटे 43 मिनट की होगी.

बता दें कि इससे पहले 31 जनवरी ‘सुपर ब्लू ब्लड मून’ नाम का चंद्र ग्रहण भी लगा था. लेकिन इस बार लगने वाला चंद्र ग्रहण उस ‘सुपर ब्लू ब्लड मून’ नाम के चंद्र ग्रहण के मुकाबले लगभग 40 मिनट लंबा होगा.

वैज्ञानिकों ने इस चंद्र ग्रहण का नाम ब्‍लड मून (Blood Moon) दिया है. बता दें कि इस दौरान पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा लाल और तांबे के रंग का खुबसूरत दिखाई देता है .

Super-Blue-Blood-Moon-crop
Super-Blue-Blood-Moon-crop

इस पू्र्ण चंद्र ग्रहण का नजारा भारत समेत कई देशों में देखा जाएगा . दक्षिण एशिया में सबसे साफ और खुली आंखों से देखा जाएगा. और इसका नजारा आपको अफ्रीका,मिडिल ईस्‍ट, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और पश्चिम एशिया में देखा जा सकता है. वैज्ञानिकों ने इस बारे में बताते हुए कहा कि ये चंद्र ग्रहण ब्रिटेन के समय के अनुसार 9.22 मिनट पर तेजी से चमकेगा.

सुपरमू्न क्या है जानिए ?

जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है और चंद्रमा अपने पूरे शबाब पर चमकता दिखाई देता है, उसे सुपरमून कहते हैं.

ब्‍लड मून (Blood Moon) किसे कहते है?

Blood-Moon
Blood-Moon

इस चंद्र ग्रहण के दौरान सूरज और चांद के बीच पृथ्वी आ जाती है। इस कारण चांद पर पूरी रोशनी नहीं पड़ पाती। सूरज की हल्की रोशनी पड़ने के कारण चांद हल्का लाल हो जाता है। धीरे-धीरे चांद पृथ्वी के ठीक पीछे पहुंचता है और उसका रंग गहरा हो जाता है। इससे चांद ग्रहण लगने पर भी काला नहीं बल्कि तांबे के रंग जैसा नारंगी या गहरा लाल दिखता है। इसके रंग के कारण इसे ब्लड मून कहा जाता है.
lunar-eclipse-blood-moon-phasesjpg
lunar-eclipse-blood-moon-phasesjpg

सूर्यग्रहण की तरह इसे देखने के लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होती है इसे अपनी खुली आंखों से देख सकते है यह नजारा काफी खूबसूरत होता है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here