10, Dec, 2016
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कमला बलान के पानी का जलस्तर बढ़ने से दहशत में लोग !

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सरफराज सिद्दीकी की रिपोर्ट
मधुबनी, 9 सितम्बर। झंझारपुर अनुमण्डल के भदुआर गांव के लोगों की आंखों में बाढ़ की त्रासदी का नजारा आज भी ताजा है।
वर्ष 2004 में 9 जूलाई की रात कमला नदी के कहर ने 62 घरों को पलक झपकते लील गई थी। इन घरों की जगह बना तालाब आज भी उसी प्रकार है। 60 वर्ष पहले कमला बलान के किनारे एक पूरा गांव विस्थापित हुआ था। यही विस्थापित लोग भदुआर गांव के नाम से जाने जाता हैं। 1987 एवं 2004 की प्रलंयकारी बाढ़ में पुनः विस्थापित हुए लोगों को दुवारा बसाया ना जा सका। कई ऐसे परिवार जिनको दुसरी जगह घर बनाने को जमीन न था वे गांव छोड़ कर चले गये। कई परिवार आज भी बांध किनारे झोपड़ी में रह कर सरकार द्वारा दुबारा बसाये जाने की आस लगाये हुए हैं। राम कुमारी देवी, मुर्ती देवी, राम सती देवी, फुल दाय देवी, भेलो महतो, मनधन ठाकुर, कुमर ठाकुर, राम चलित्र ठाकुर, हरे राम महतो,, सुपीन्द्र ठाकुर, राजेन्द्र ठाकुर, संजू देवी, बिना देवी, आदि कई ऐसे नाम हैं जिन के परिवार की आंखे इंतजार में पथराई जा रही है।

आपको बताते चले कि हरना के मो0 उसमान जिनके पिता 1987 के बाढ़ में एवं मां जूवेदा 2004 के बाढ़ में बह गई। ऐसे लोग भी आज तक मुआवजा एवं विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। दुसरी तरफ गांव में घर बहजाने के बाद राहत नहीं मिलने पर फाका कशी की जीवन गुजार रहे कई ऐसे परिवार हैं जो गांव से पलायन कर चूके हैं। इनमें महावीर महतो, मो0 ईकबाल, मो0 अकरम, वैद्यनाथ पण्डीत मो0 नूर हसन आदि शामिल हैं। इनकी डीह पर 2004 से ही लगभग 40 फीट पानी जमां हुआ है।

9 जूलाई की तारीख फिर लोगों को 2004 की याद दिला रही है! लेकिन इस वार फीर पानी कमला नदी में उफान मचा रही है। लोग रात-रात भर जागकर गुजार रहे हैं। जिस जगह बांध टुटी थी उस जगह बांध बन जाने के बाद भी बांध में दरार दिखती है। जिससे लोगों को डर है कि बांध पर पानी का दबाव होने से बांध टुट न जाए।

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ऐक विचार साझा हुआ “कमला बलान के पानी का जलस्तर बढ़ने से दहशत में लोग !” पर

  1. Raghav September 9, 2016

    23 july 2000 me Banaur me jo hua tha use sab bhul gya kya bhay?.

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