बिहार की मिट्टी ने ‘एम.आर.सी.ओ.जी’ पास कर मिथिला का नाम रौशन किया

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वरुण ठाकुर की रिपोर्ट-

बिहार की मिट्टी ने अपनी प्रतिभा का लोहा दरभंगा ही नहीं पूरे मिथिला सहित बिहार भर में मनवाया है इसी कड़ी में अब मिथिला की बहु डॉक्टर प्रियंका भारती सरॉफ का नाम जुड़ गया है जिन्होंने एम.आर.सी.ओ.जी जैसी जो दुनियाभर में सर्जरी क्षेत्रों कि सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित डिग्री प्राप्त कर मिथिला को गौरव को बढ़ाया है यह डिग्री इन्होंने रॉयल कॉलेज अॉफ लंदन से कठिन मेहनत और लगन से हासिल की हैं । जो कि इस कॉलेज के द्वारा गिने -चुने प्रतिभाशाली चिकित्सकों को कड़े इम्तिहान के बाद दी जाती है यह परीक्षा तीन चरणों में ली जाती है। न्यूज अॉफ बिहार के संवाददाता से खास बातचीत में इन्होंने बताया कि मेरी माँ का सपना थी कि बड़ी हो कर मेरी बेटी डॉक्टर बनें । डॉ. प्रियंका की प्रारंभिक शिक्षा उनके गाँव हजारीबाग झारखंड से शुरू हुई। उन्होंने वर्ष 2000 में रामकृष्ण स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की 86% के साथ स्कूल टॉपर भी बनी। 12 वीं डी.ऐ.भी श्यामली राँची से की उस में भी स्कूल टॉपर बनी । फिर माँ (पुष्पा देवी ) का सपना था जो बेटी डॉक्टर बने तो फिर हमने मेडिकल कि तैयारी शुरू कर दी वर्ष 2004 में पूरे भारत में 446 वॉ स्थान हासिल हुई। सपने को चार चाँद तब लगा जब 2011 में MBBS कर के PG में दाखिल हुई । 2011 में ही प्रसिद्ध स्पाइनल सर्जन डॉक्टर अभिषेक अन्नु सरॉफ वैवाहिक जीवन शुरू हो गई। डॉ. प्रियंका ने आगे बताया की शादी के बाद सच में कठिन होता है पढ़ाई – लिखाई घर के साथ – साथ पढना । 2011 मैं जब एम.आर.सी.ओ.जी मैं जब दाखिल ली तो थोड़ा मन में डर था लेकिन कड़ी मेहनत किये 2013 मैं सफलता मिला । दुसरी परीक्षा PG के बाद होता है तो 2016 में हुई। 2018 में 65% तीसरे चरणों में भी सफलता मिला । घर में खुशी का माहौल हैं।
अपने घर और मिथिला सीमा मिट्टी से डॉक्टर सरॉफ का गहरा लगाव है यही वजह है कि यह डिग्री हासिल करके देश- विदेश में मोटा रकम कमा सकती है लेकिन डॉक्टर प्रियंका ने मिथिला के दरभंगा में रह कर मिथिला के लोगो को सेवा करना चाहती है