25 फ़रवरी, 2017
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मुफ्त की नसीहत पर अखिलेश ने लालू को मारा…धोबी पछाड़

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newsofbihar.com डेस्क
पटना 11 जनवरी।

राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी(सपा) में चल रहे विवाद को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात की है और सबकुछ शीघ्र ही ठीक करने को कहा है। लालू ने एकबार फिर बाप-बेटे के बीच सुलह कराने का प्रयास किया है। मिली जानकारी के अनुसार लालू ने फोन से यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात कर उनसे कहा है कि अब पिता जी से मिलकर इन चीजों को समेटिए। अब झगड़ा ठीक नहीं है, चुनाव सिर पर है। हालांकि, अखिलेश ने बड़ी विनम्रता से नो थैंक्स कहकर कुछ ही मिनटों में उनका यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।

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वहीं बुधवार को लालू प्रसाद यादव ने मीडिया से बताया कि मैंने अखिलेश को देर रात फोन कर सलाह दी थी कि वह मुलायम सिंह यादव से सुलह कर ले, लेकिन मुझे निराशा हाथ लगी है। लालू ने माना कि यदि मुलायम और अखिलेश का गुट अलग-अलग चुनाव लड़ेगा तो इससे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ही फायदा होगा। खबर यह भी आ रही है कि सीएम अखिलेश ने भी लालू से अपने दिल की बात की है। उन्होंने कहा है कि हम अभी भी पिता के साथ हैं, उनसे सिर्फ हमें तीन महीना चाहिए। तीन महीने तक के लिए ऐसा ही रहने दे। बताया जा रहा है कि अखिलेश ने लालू से यह भी कहा कि बाद में सब पहले जैसे होगा।
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राजद सुप्रीमो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यूपी चुनाव के बाद सब ठीक हो जाएगा. प्रदेश में अखिलेश की सरकार बनते ही मुलायम सिंह यादव की आदर के साथ समाजवादी पार्टी में अध्यक्ष पद पर जरूर वापसी होगी।

वैसे सपा में मचे घमासन पर कई बैठकों के बाद भी कोई तस्वीर सामने निकल कर नहीं आ पाई है। ऐसे में बुधवार (11 जनवरी) को समाजवादी पार्टी के लिए काफी अहम दिन माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह आज कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं। यही वजह है कि उनके आवास के बाहर कवरेज कर रहे पत्रकारों को संदेश मिला है कि वो बुधवार को औपचारिक बातचीत करेंगे। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि सपा में आर या पार की स्थिति पर फैसला हो सकता है। दिल्ली से लौटने के बाद मुलायम सिंह यादव ने नए तेवर के साथ अचानक यू-टर्न लिया और अखिलेश को सीएम का प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद मंगलवार को अखिलेश के साथ डेढ़ घंटे चली बैठक को लेकर तमाम राजनीतिक विश्लेषक अंदाजा लगाते रहे कि सुलह की गुंजाइश बढ़ती दिख रही है।

राजनीतिक हलको की माने तो लालू की इस बैचेनी की सबसे बड़ी वजह यूपी में 1 महीने के अंदर होने वाला विधानसभा चुनाव है। उन्हें ऐसा लगता है कि सपा के इस अंदरुनी कलह का सीधा फायदा भाजपा को होगा, जिसे वे किसी हाल में नहीं चाहते है।

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