21 जनवरी, 2017
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गर्व से ऊँचा हुआ बिहार का सिर… नवनील ने आईआईएम की परीक्षा में दिखाया दम

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साभार प्रो. राजेंद्र के बंदी

पटना, 10 जनवरी।

आईआईएम ने सोमवार को कैट 2016 के परिणामों की घोषणा कर दी। इस साल की परीक्षा में भी इंजीनियरिंग के छात्रों का ही दबदबा देखने को मिला। इस साल 20 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है। कॉमन एडमिशन टेस्ट(कैट) में पटना कंकड़बाग कांटी फैक्ट्री निवासी नवनील नीरड को 98.86 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ है।

नवनील ने लुधियाना से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बी.टेक किया है। वहीं कंकड़बाग के ही अशोक नगर के एक अन्य अभ्यर्थी पुनीत राज को 97.99 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ। जबकि एनआईटी (पटना) के कंप्यूटर साइंस के छात्र व हैदराबाद निवासी जीए रोहित कुमार को 97 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ है। हालांकि साल 2016 में हुए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में कई बदलाव किए गए थे, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के उम्मीदवारों को बराबर का मौका उपलब्ध कराया जा सके और डेटा इंटरप्रेटेशन क्षमता का बेहतर तरीके से आकलन किया जा सके। हालांकि इन बदलावों का फायदा दिखाई नहीं दिया।

कैसे देख सकेंगे परिणाम
साल 2016 के कैट में भाग लेने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं और इस परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। अपना रिजल्ट देखने के लिए www.cat.ac.in पर जाकर अपना स्कोर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और इसमें हर सेक्शन के अनुसार नंबर दिए गए हैं।
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आईआईएम पर उठते रहे हैं सवाल
पिछले कई सालों से आईआईएम पर सवाल उठाए जा रहे थे कि (कैट) परीक्षा का पैटर्न ऐसा है, जिसके कारण प्रवेश परीक्षा में इजीनियरिंग के छात्रों का ही दबदबा होता है। साल 2013 से बात करें तो उस साल 8 छात्रों को सौ पर्सेनटाइल मिला। इसमें से सभी इंजीनियरिंग फील्ड से जुड़े थे। साल 2014 में 16 छात्रों ने 100 पर्सेनटाइल हासिल किया, इसमें एक छात्रा भी थी। हालांकि ये सभी इंजीनियरिंग से ही जुड़े थे। साल 2015 में 17 इंजीनियरिंग छात्रों ने इस मुकाम को हासिल किया, जिसमें एक छात्रा थी। इस साल भी भले ही 20 छात्रों के हाथ 100 पर्सेनटाइल हाथ लगा हो लेकिन इसमें एक भी छात्रा शामिल नहीं है।

एसएमएस से मिली सूचना
इस बार कैट 2016 के परिणाम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को आईआईएम की ओर से बधाई देते हुए एसएमएस भी किया गया। इस एसएमएस में न केवल बेहतर प्रदर्शन की सूचना दी गई, बल्कि ऐसे छात्रों का स्कोर कार्ड भी दिया गया।

31 दिसंबर 2017 तक स्कोर वैध
यह परीक्षा पिछले महीने 4 दिसंबर को दो सेशन में 138 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित करवाई गई थी। बता दें कि आईआईएम में दाखिला लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। साथ ही परीक्षा के स्कोर कार्ड 31 दिसंबर 2017 तक ही वैध माने जाएंगे। गौरतलब है कि इस साल करीब 2,32,434 उम्मीदवारों ने परीक्षा में भाग लिया और जो कि साल 2015 के 2,18,664 आवेदकों की तुलना में कहीं ज्यादा है।
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बदलावों के साथ हुई थी परीक्षा

यह परीक्षा पिछले साल दो खंड में हुई, जबकि इस बार यह तीन खंडों में हुई। पहला खंड क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (क्यूए), दूसरा डेटा इंटरप्रेटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग (डीआईएलआर) और तीसरा वर्बल एंड रीडिंग काम्प्रीहेंशन(वीआरसी) है।
प्रत्येक खंड में कुछ प्रश्न बहुविकल्पीय थे तो कुछ के उत्तर सीधे लिखे जाने थे। क्यूए और वीआरसी में 34-34 प्रश्न रखे गए थे वहीं डीआईएलआर में 32 प्रश्न थे। पिछले साल डेटा इंटरप्रेटेशन, क्यूए का हस्सिा था और लॉजिकल रीजनिंग वीआरसी का हिस्सा थी।
इस बार परीक्षा की अवधि 170 मिनट से बढ़ाकर 180 मिनट कर दी गई थी। परीक्षार्थियों को हर खंड के सवालों का जवाब देने के लिए 60 मिनट का समय दिया गया और वे उत्तर देते समय एक खंड से दूसरे खंड पर नहीं जा सकते थे।
रिजल्ट में भले ही टॉप 100 पर्सेंनटाइल में इंजीनियरिंग छात्रों का दबदबा दिखाई दे रहा हो, लेकिन अलग-अलग सेक्शन के परिणामों को देखें तो उनके 100 पर्सेंनटाइल पाने वाले छात्रों में गैर इंजीनियरिंग और छात्राएं भी शामिल हैं।

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