04, Dec, 2016
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NOB Exclusive: नक्सली ऐसे कर रहे हैं अपने कालेधन को सफ़ेद, नक्सलियों की जालसाजी पर बड़ा खुलासा

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कुलदीप भरद्वाज की रिपोर्ट

पटना, 17 नवम्बर। 8 नवम्बर की आधी रात से पीएम मोदी द्वारा बैन किये गए हज़ार और पांच सौ के नोट बंद करने के बाद से इसका असर अब साफ़ साफ़ दिखने लगा है। झारखण्ड और बिहार के विभिन्न नक्सल प्रभावित जिलों में अब नक्सली भी इस बैन की वजह से परेशान हैं। खुद शहर या बैंक न जाकर जांच से बचने के लिए बिहार और झारखंड में नक्सली जबर्दस्ती इलकों के बुजुर्गों और नौजवानों से 1000 और 500 के बड़े नोट बदलवा रहे हैं। साथ ही आना कानी करने पर लालच देते हैं या फिर बन्दुक का भय।बिहार और झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में से नक्सलियों द्वारा लेवी के रूप में करोडो करोड़ की वसूली के साथ साथ फिरौती के रूप में करोड़ों रुपये वसूले जाते हैं। इन पैसों से ही हथियार गोला बारूद से लेकर कैडरों को तनख्वाह और रोजमर्रा के काम निपटाये जाते हैं। लेकिन अब नोटबंदी की वजह से फण्ड के बावजूद नक्सली संगठनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अचानक आये इस फैसले से बेबस नक्सली संगठनों ने इस जबरदस्त वार से निपटने खातिर अब अपने प्रभाव वाले इलाके के बुजुर्गों और महिलाओं को अपने अकाउंट में जबरिया 2.5 लाख रुपये जमा करने को कह रहे हैं। ताकि उनका पैसा नए नोटों में तब्दील हो सके। वहीं आईबी के सूत्र भी इस सूचना पर मुहर लगाते दिख रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर आईबी के एक अधिकारी का कहना है कि इस तरह की सूचना बिहार झारखंड के कई इलाकों से मिल रही है। सुचना की शुरुआती जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि ग्रामीण इलाकों में ख़ास कर बिहार के गया, जमुई ,मुंगेर लखीसराय जैसे नक्सल प्रभावित जिलों समेत झारखण्ड के लगभग 12 जिलो में 8 नवम्बर के बाद बैंक के सैकड़ो हज़ारो खातों में अचानक पैसे डिपॉजिट किये जा रहे हैं। साथ ही बुजुर्गों द्वारा सबसे ज्यादा नोट बदला जा रहा है। इस बात की तफ्तीश और मिले आंकड़ों की सूचना के बाद से सतर्क हुई भारत सरकार के “रेवन्यू इंटेलीजेंस” विंग ने भी बिहार और विशेष रूप से झारखण्ड के लातेहार समेत उड़ीसा और बंगाल के सीमावर्ती जिलो पर नज़रे गड़ा दी है।
वहीं इस खुलासे के बाबत झारखण्ड के लातेहार के एसपी अनुप बिरथरे ने कहा, यह सही है, हम लोगों को ऐसी जानकारी मिली है कि नक्सली गांव वालों का उपयोग लेवी के रूप में वसूल किए गए रुपयों को बैंक में जमा कराने के लिए कर रहे हैं। विशेष कर बुजुर्गो और उनके खातों का ताकि वह मान्य मुद्रा में बदल जाए। सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं युवा लोगों के भी इसमें शामिल होने की पुख्ता खबर पुलिस को मिल रही है। नक्सली संगठन द्वारा कमीशन पर भी नोट बदलने वालों को नियुक्त करने की खबर आ रही है। बकौल एसपी पिछले दो दिनों से पुलिस लगातार कई स्थानों पर उन लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही और दबिश दे रही है। जो इस गोरखधंधे और गैरकानूनी काम में शामिल हैं। साथ पुलिस अधीक्षक ने साफ़ तौर पर कहा कि हमें शक है कि कुछ स्थानीय लोग जो नक्सल समर्थक हैं, वो नोट बदलने के इस खेल में इनकी मदद कर रहे हैं।

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