06, Dec, 2016
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सावधान : नीतीश सरकार बढ़ाने जा रही है मंहगाई!

शराबबंदी की भरपाई के लिए वाणिज्य कर में होगा संशोधन

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पटना, 27 जुलाई। शराबबंदी और केंद्रीय राशि में कटौती की भरपाई के लिए सरकार वाणिज्य कर में संशोधन कर नए टैक्स लगा सकती है। 29 जुलाई से आरंभ हो रहे विधानमंडल के मानसून सत्र में वाणिज्य कर संशोधन विधेयक लाने की तैयारी है। मानसून सत्र में ही नई उद्योग प्रोत्साहन नीति को भी मंजूरी दी जाएगी। वाणिज्य कर विभाग के सूत्रों ने संकेत दिया कि मोटर वाहनों की खरीद पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जा सकता है। साथ ही लक्जरी आइटम पर लगने वाले टैक्स में भी वृद्धि की जा सकती है। वाणिज्य कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस संबंध में पूछे जाने पर विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया। परन्तु उन्होंने कहा कि राजस्व में वृद्धि के लिए कुछ न कुछ तो करना ही पड़ेगा।

शराबबंदी से पहले वाणिज्य कर के रूप में 2015-16 में शराब से 3,700 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। पांच अप्रैल, 2016 से प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण राज्य सरकार को यह नुकसान उठाना पड़ेगा। इस नुकसान के बावजूद वाणिज्य कर विभाग ने 2016-17 में राजस्व वसूली का लक्ष्य 21,000 करोड़ रुपये रखा है जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह टारगेट 18,000 करोड़ रुपये का था। ऐसे में चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त तीन हजार करोड़ रुपये की वसूली भी वाणिज्य कर विभाग के लिए एक चुनौती है। केंद्र सरकार ने कई योजनाओं में राशि का प्रतिशत 90 से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। इस घाटे की भरपाई के लिए पिछले साल कुछ वस्तुओं पर टैक्स की दर बढ़ाई गई थी जिससे मात्र 420 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की व्यवस्था हो पाई थी।

मानसून सत्र में पेश होने वाली नई उद्योग प्रोत्साहन नीति में निवेशकों को लुभाने के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि नई उद्योग नीति राज्य की जरूरत और निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई है। मानसून सत्र में इसे मंजूरी दिला दी जाएगी। सिंगल विंडो सिस्टम को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि नई नीति में उद्यमियों को दी जाने वाली सब्सिडी में फेरबदल भी किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रख डीजल जेनरेटर पर दी जाने वाली 25 प्रतिशत की सब्सिडी बंद की जाएगी।

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