05, Dec, 2016
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नीतीश सरकार की गलती से बेरोजगार होंगे लाखों सरकारी कर्मचारी, हाई कोर्ट सख्त !

file photo

पटना, 17 सितम्बर। राज्य सरकार की गलती का परिणाम राज्य सरकार में कार्यरत लाखों शिक्षकों को भुगतना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि ऐसे शिक्षक जिनको राज्य सरकार ने नियुक्ति के बाद इग्नू से प्रशिक्षण कराया है, उनकी ट्रेनिंग रद्द की जा सकती है।

जानकारी अनुसार पटना हाईकोर्ट ने इस सिलसिले में शुक्रवार को राज्य सरकार, इग्नू एवं नेशनल कॉउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) से जवाब तलब किया। इन्हें 4 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर 5 सितंबर से इनकी ट्रेनिंग बेकार मानी जाएगी।

मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी एवं न्यायाधीश समरेन्द्र प्रताप सिंह ने हरि बच्चन भगत की लोकहित याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।

क्या कहते हैं याचिकाकर्ता के वकील
-एनसीटीई ने इग्नू की ट्रेनिंग को मान्यता नहीं दे रखी है। -एनसीटीई के सब सेक्शन 4 की धारा 17 के तहत इग्नू को केवल पढ़ाने की इजाजत है।
-एनसीटीई के उपस्थित वकील एनएन पाठक ने भी माना इग्नू को प्रशिक्षण देने का नहीं है अधिकार।

क्या है याचिकाकर्ता का पक्ष
-का कहना था कि राज्य सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च कर 2007 से 2009 एवं 2010 सेशन में 1 लाख 5 हजार शिक्षकों को टंेड कराया। इस पर कोर्ट ने मामले को अति गंभीर मानते हुए सभी पक्ष को संतोषजनक जवाब देने को कहा।

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3 विचार साझा हुआ “नीतीश सरकार की गलती से बेरोजगार होंगे लाखों सरकारी कर्मचारी, हाई कोर्ट सख्त !” पर

  1. dipu kumar September 17, 2016

    Joe bat Nazi Bihar no bar barba
    d Ker deaf ganga raj.

  2. chandan sahni.chairman of N.f.p.committee September 17, 2016

    Bihar me sarkar industries to lga nhi pa rhi ab teacher ki bahali v karayi to wo v muskil me hi ho gyi kya yanha ki sarkare aur kender ki sarkare kewal bihar me beroj gari ke liye hi aayen hai kya election ke time to gala fad ke bhasan dete the sbke sb ab kya hua un rojgar dene wale wado ka sb sale chor hain

  3. राहुल कुमार सिंह September 18, 2016

    निश्चित तौर पर यह गम्भीर मामला है इसके कारण लाखों निर्दोष शिक्षकों को भारी नुकसान हो सकता है।सरकार को शिक्षकों का प्रशिक्षण विधिसम्मत तरीके से करवाना चाहिए था क्योंकि इससे बच्चों की शिक्षा सीधे प्रभावित होती है।

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