18 अगस्त, 2017
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ढोलबज्जा की गीता ने बाइक पर दिया बच्चे को जन्म… नोटबंदी की मारी गीता बेचारी

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छोटे नोट नहीं होने के कारण बाइक बनी गर्भवती महिला के लिए….

भागलपुर, 16 नवंबर। बड़े नोटों को अचानक बंद हो जाने से स्वास्थ्य सुविधाओं पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। हम बात कर रहे है पूर्णिया जिले के बॉर्डर पर स्थित ढोलबज्जा के मालपुर गांव की गीता देवी की गर्भवती बेटी पिंकी की जो दर्द से परेशान थी। लेकिन प्राइवेट गाड़ी वाले बड़े नोट के कारण अस्पताल पहुंचाने के लिए तैयार नहीं थे। पिंकी के मां के पास छोटे नोट नहीं थे। उसे नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल ले जाना था, लेकिन गाड़ी वाला बड़ा नोट लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पिंकी को मोटरसाइकिल से अस्पताल लाना पड़ा।

पिंकी की मां गीता देवी ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बताया कि बताया कि घर में छोटे नोट नहीं थे तो कोई गाड़ी वाला नवगछिया आने को तैयार नहीं हुआ। ढोलबज्जा होते हुए तीन घंटे में बीस किलोमीटर की यात्रा कर 11 बजे नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। इस दौरान पिंकी लगातार दर्द से रोती रही। उबड़-खाबड़ व बालू भरे रास्ते पर बाइक पर तीन लोगों को बैठाकर लाना बहुत ही मुश्किल था। वहीं जब अपनी गर्भवती बेटी को लेकर गीता देवी अस्पताल पहुंची तो वहां पर रजिस्टर में नाम लिखने वाली नर्स ने दो सौ रुपए ले लिये। शाम पांच बजे पिंकी ने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद पचास-पचास रुपए लेबर रूम से ट्रॉली पर बाहर लाने वाली ममता ने लिये।

कहा जाता है कि जब मुसिबत आती है तो सभी चारों तरफ से आती है ठीक उसी प्रकार वहां गीता देवी की बेटी पिंकी से साथ। पिंकी ने इतनी परेशानी होने के बाद भी बच्ची को जन्म तो दी पर नवजात की आंख नहीं खुल रही थी। इसलिए डॉक्टर ने तीन बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। जहां पर मंगलवार की शाम पांच बजे इमरजेंसी में बच्ची का इलाज किया गया। इसके बाद जाकर नवजात बच्ची आंख खोलने लगी है। इसके बाद छोटे नोट नहीं रहने के कारण सही से ईलाज कराए बिना ही लौटी गई।

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