08, Dec, 2016
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10 हज़ार छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य लेकर एनएसयूआई ने शुरू किया सदस्यता अभियान

Nsui-foto

दरभंगा, 16 अगस्त : आज दरभंगा के सीएम साइंस काॅलेज परिसर में एनएसयूआई के सदस्यता अभियान का शुरूआत एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष मो. एजाज अनवर के नेतृत्व में हुआ। अभियान की शुरूआत दरभंगा जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सीताराम चौधरी ने प्रथम ग्यारह छात्रों का सदस्यता फॉर्म भर कर किया।
जिलाध्यक्ष सीताराम चौधरी ने सदस्यता अभियान के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुऐ कहा की दरभंगा जिला में विश्वविद्यालय में फैले भ्रष्टाचार और छात्र हितों के हो रहे दमन को रोकने केे लिए छात्रों का संगठित होना आवश्यक है। जिलें के सभी काॅलेजों में छात्रों का दोहन हो रहा है। छात्रों की समस्याओं को ना तो विश्वविद्यालय प्रशासन सुननें को तैयार है और ना ही काॅलेज प्रशासन। ऐसे में एनएसयूआई का छात्रों को मजबूत करने के लिए संगठित करनें का यह प्रयास काबिले तारीफ है।
वहीं एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र कुमार झा ने कहा कि सदस्यता अभियान का लक्ष्य 10 हज़ार छात्रों को एनएसयूआई से जोड़ने का है। छात्रों का उत्साह बढ़ाने के लिए युवा नेता तनवीर अनवर, पिंकू गिरी, खुदादद अब्दुल अली, जयंत झा, एनएसयूआई के महासचिव मो. अरफीन, महासचिव ज्योत्सना गिरी, नूर बानों, दीपक दीपांशु, प्रवीण झा, मो. अरकान, प्रशांत कुमार और रामपूनीत झा, प्रवीण मिश्रा आदि मौजूद थे।

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ऐक विचार साझा हुआ “10 हज़ार छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य लेकर एनएसयूआई ने शुरू किया सदस्यता अभियान” पर

  1. Manish kumar August 18, 2016

    लोग कहते है:——– #_पढाई_करो_राजनीति_नही’—
    कहा जाता रहा है कि छात्र देश के कर्णधार होते है यह अब भी कहा जाता है लेकिन बदले हुए स्वर मे क्योंकि आज कोई भी देश के कर्णधार तभी है जब तक कि वह सत्ता और काॅरर्पोरेट की खुली लूट पर चुप्पी साध बैठा रहे । आज आदर्श छात्र का मतलब सवाल खड़ा करना नहीं, बल्कि चुपचाप अनुचर बनते जाना है । संवैधानिक मूल्यों का हनन, सामाजिक आर्थिक लैंगिक असमानता, जातीय भेदभाव, सत्ता और काॅरर्पोरेट की लूट और बढते महगाई के खिलाफ सड़क पर उतरने वाले छात्र, स्कॉलरशिप को लेकर धरना – प्रदर्शन करने वाले छात्र, विश्वविद्यालय मे शैक्षणिक और आर्थिक अराजकता के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्र आदर्श छात्र नहीं कहलाते । इन्हे तुरंत सीख दे दी जाती है – ‘पढ़ाई करो, राजनीति नहीं ‘ छात्रो को राजनीति नही करनी चाहिए, ‘राजनीति की बात करने वाले छात्र नहीं हो सकते’ लेकिन, सवाल यह है कि क्या छात्र जीवन को प्रभावित करनेवाला तंत्र या संपूर्ण शिक्षा तंत्र राजनीति से विछिन्न है ? क्या लोकतंत्र मे किसी भी समुदाय को अपना राजनीतिक पक्ष रखने का अधिकार नहीं है ? हम मान रहे कि कैरियर छात्रों के जीवन से जुड़ा अहम सवाल है, लेकिन कैरियर हासिल कर आत्मनिष्ठ हो जाने से देश और समाज का भविष्य संवरनेवाला नहीं है । छात्रो को देश, समाज और उससे जुड़ी हुई सभी प्रक्रियाओं पर सजग होकर नजर रखने कि जरूरत है क्योंकि उसका सीधा संबंध उनके जीवन और कैरियर से भी है । एक लोकतांत्रिक देश में नीति -निर्धारण की प्रक्रिया मे छात्रों को शामिल होना है और यह छात्र राजनीति द्वारा ही संभव है । छात्रों को देश और समाज के हित के लिए संघर्ष के साथ गंभीरता से जुड़ना चाहिए क्योंकि जनपक्षधर होना ही सही तौर पर देश का कर्णधार है । #________मनीष_कुमार (प्रदेश महासचिव एनएसयूआई बिहार)

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