26 जुलाई, 2017
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नीतीश कुमार ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को लिखा पत्र, बाढ़ राहत में देरी को लेकर जताई नाराजगी

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न्यूज़ ऑफ़ बिहार डेस्क

पटना, 07 नवम्बर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में इस साल बाढ़ से हुए भीषण तबाही के आंकलन के लिए पी एम और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात की थी। आपको बता दें की बिहार में इस साल बाढ़ से भारी तबाही हुई है जिसके बारे में बताने के लिए नीतीश कुमार २३ अगस्त 2016 को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिले थे। बाढ़ से तबाह हुए परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। अपने मुलाक़ात में नीतीश कुमार ने आंकलन के लिए केन्द्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया था। लेकिन अब तक केद्र सरकार के द्वारा कोई टीम नहीं भेजी गई है। इससे नाराज मुख्यमंत्री ने राजनाथ सिंह को पत्र लिख नाराजगी जताई है।
सीएम नीतीश कुमार ने राजनाथ सिंह को लिखा है कि बाढ़ के दो माह बीत जाने के बाद भी केंद्रीय टीम क्षति का आंकलन करने बिहार नहीं आई है जो कि गैर-औचित्यपूर्ण है। उन्होंने अपने पत्र में याद दिलाया है कि हमने 23 अगस्त 2016 को मुलाकात कर बिहार में टीम भेजने का अनुरोध किया था। साथ ही 22 सितंबर 2016 को राज्य सरकार ने बिहार में बाढ़ से हुई क्षति का आंकलन कर विस्तृत ब्यौरा केंद्र सरकार को भेजा दिया था। उसके बाद बिहार के अधिकारी लगातार केंद्र से संपर्क में रहे और टीम भेजने का अनुरोध करते रहे।
नीतीश कुमार ने शनिवार को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि पहले 10-11 नवंबर को केंद्रीय टीम के बिहार आने की संभावित तिथि तय थी। लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसान रबी और तेलहन की फसल लगाने लगे हैं। वहीं क्षतिग्रस्त मकानों को ठीक करने की कवायद भी शुरू हो गई है। ऐसे में विलंब से आने पर टीम को आंकलन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। नीतीश ने केंद्र की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए, केंद्रीय टीम को जल्द बिहार भेजने का अनुरोध किया है। साथ ही यह आग्रह भी किया है कि अगर जल्द मदद मिल जाती तो बिहार के लोगों को लाभ मिलता।

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