पापा, मैं छोटी से बड़ी हो गई थी लेकिन जात-पात की जिद ने मेरी जान ले ली !

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दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट-

शादी के लिए आए फूलों से सजी स्निग्धा की अर्थी, काश! पापा ने मान ली होती बात…जिन फूलों से मंडप सजना था, उनसे स्निग्धा की रविवार को अर्थी सजी। शनिवार को उसके तिलक की रस्म हुई थी। रविवार को मंडप था और सोमवार को शादी होनी थी। मंडप और घर को सजाने के लिए फूल मंगाए गये थे। शव शास्त्रीनगर थाने के पटेलनगर इलाके के स्नेही पथ स्थित उसके घर चंद्र विला लाया गया। शव को अंतिम यात्रा पर ले जाया जाने लगा तो उसी फूल से उसकी अर्थी को सजाया गया जिससे मंडप सजाया जाने वाला था। जैसे ही फूलों से सजी स्निग्धा की अर्थी घर से निकली मोहल्ले वालों की आंखों से आंसू बहने लगे। घर के लोग और रिश्तेदार फफकने लगे। तिलक की रात जमकर किया था डांस. स्निग्धा ने शनिवार को तिलक समारोह पर खूब डांस किया था। नाते-रिश्तेदारों के साथ हंसी-ठिठोली भी की थी। इतना ही नहीं, उसने सहेलियों और परिवार की महिलाओं के साथ बैठकर दोनों हाथों में मेहंदी भी रचवाई थी। उसके व्यवहार में किसी तरह का बदलाव नजर नहीं आया। घर वालों को बताई थी अपनी पसंद डॉ. स्निग्धा सिलीगुड़ी से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद कोलकाता में एमएस कर रही थी। सूत्रों की मानें तो सिलीगुड़ी में आइआइटियन लड़के से उसकी दोस्ती हो गई थी। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और शादी करना चाहते थे, परंतु लड़के के दूसरी बिरादरी से होने के कारण घर वाले राजी नहीं थे। परिवार वालों ने स्निग्धा की शादी किशनगंज के डीएम महेन्द्र कुमार से तय कर दी थी। सुधांशु दरभंगा से रिटायर हुए थे। इसके पहले वे शाहाबाद के डीआइजी थे। इनके बड़े दामाद धर्मेंद्र कुमार भी आइएएस हैं। वह मुजफ्फरपुर के डीएम रह चुके हैं। मॉर्निंग वाक के बहाने निकल रही थी घर से पिछले तीन-चार दिनों से स्निग्धा मॉर्निंग वाक और जिम जाने की बात कहकर घर से गाड़ी लेकर ड्राइवर के साथ निकलती थी। परंतु वह दोनों में से किसी जगह पर नहीं जाती थी। पूछताछ के दौरान वह विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर ऊंची इमारतों को देखती थी। इसके बाद अंदर जाती थी, फिर बाहर चली आती। हालांकि उसने कभी स्निग्धा से कभी कुछ नहीं पूछा और ना ही घरवालों को इस बारे में कुछ बताया। आखिरी बार ड्राइवर से हुई थी बात स्निग्धा के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली गई। उससे पता चला कि उसने आखिर बार ड्राइवर कृष्णा यादव से बात की थी। पूछताछ के दौरान कृष्णा ने बताया कि उन्होंने कॉल कर बुलाया था। उसके आने के बाद स्निग्धा गाड़ी पर बैठकर चली गई। जांच के लिए भेजा गया सामान अपार्टमेंट की छत से बरामद स्निग्धा की एक जोड़ी चप्पल, मोबाइल, चश्मे, स्टूल और कुर्सी को फोरेंसिक जांच के लिए एफएसएल के लैब में भेजा गया। उसपर से पुलिस फिंगर प्रिंट एकत्र करेगी, जिससे पता पाएगा कि घटनास्थल पर स्निग्धा के साथ कोई और व्यक्ति था या नहीं? कार से बरामद दवाइयां और पेन ड्राइव भी एफएसएल की टीम साथ लेकर गई है। शव को पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। चार दिन पूर्व खरीदी थी स्टूल स्निग्धा ने चार दिन पहले बाजार से स्टूल खरीदी थी। पूछने पर उसने घरवालों को बताया कि स्नान करने के वक्त बैठने के लिए वह स्टूल लेकर आई है। परिजनों की मानें तो उन्हें स्निग्धा के दिमाग में चल रही उथल-पुथल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह जान देने के लिए स्टूल खरीदकर लाई है। एसएसपी मनु महाराज ने कहा-मामले की छानबीन की जा रही है। अपार्टमेंट के गार्ड और कार के चालक से पूछताछ की जा रही है। एफएसएल की टीम भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सुसाइड का मामला सामने आ रहा है।