25 मई, 2017
To Advertise on this Website call Us on 9155705448, 8130906081
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

Big Breaking: सेनारी हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाया फैसला, 10 को फांसी कि सजा और 3 को आजीवन कारावास

jahanabad

पंकज कुमार कि रिपोर्ट

जहानाबाद, 15 नवम्बर। सेनारी हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। सेनारी नरसंहार में जहानाबाद की अदालत ने मंगलवार को 15 दोषी करार लोगों को सजा सुनाया। इस बहुचर्चित हत्याकांड के फैसले को लेकर बिहार के लोग लंबे अरसे से इन्तजार कर रहे थे। आपको बता दें कि सेनारी हत्याकांड में 15 लोगों को सजा हुई थी। आज सभी 15 लोगों के लिए कोर्ट का फैसला आया है। कोर्ट ने 10 अभियुक्तों को फांसी कि सजा दी गई और 3 दोषियों को आजीवन कारावास और एक एक लाख का आर्थिक दंड लगाया गया है। वहीँ दो दोषी जो बेल मिलने के बाद से फरार हैं उनके सजा का फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रखा है। दोनों फरार दोषियों के सजा कि सुनवाई 18 नवम्बर को होगी।

इससे पहले 27 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर न्यायाधीश तृतीय रंजीत कुमार सिंह की अदालत ने 15 आरोपितों को दोषी करार दिया था। वहीं साक्ष्य के अभाव में 23 लोगों को रिहा किया गया था। इसको लेकर प्रशासन ने बंसी और सेनारी में भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया था। अदालत ने धारा 146, 302, 149, 307, 149, 3/4 एस एक्ट के तहत अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। अदालत ने सजा सुनाने के लिए 15 नवंबर की तिथि मुकर्रर की थी। अदालत के द्वारा सजा सुनाए जाने को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों की नजर न्यायालय पर टिकी हुई थी।

उल्लेखनीय है कि 18 मार्च 1999 की रात प्रतिबंधित एमसीसी के हथियारबंद उग्रवादी दस्ते ने सेनारी गांव को चारों ओर से घेर लिया था। फिर शाम साढ़े सात बजे 34 लोगों को उनके घरों से जबरन निकाला गया.। उन्हें गांव के उत्तर सामुदायिक भवन के पास ले जाकर गर्दन रेतकर हत्या कर दी गयी थी। गांव स्थित ठाकुरबाड़ी के समीप नक्सलियों ने घटना को अंजाम दिया था। इस घटना में सात लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। गांव की ही चिंतामणि देवी ने करपी थाने में 15 नामजद समेत चार-पांच सौ अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी थी।

ये भी पढे़ं:-   पेड़ से लटका मिला युवक का शव, इलाके में है दहशत का माहौल

चिंता देवी के बयान पर गांव के 14 लोगों सहित कुल 70 नामजद लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। चिंता देवी के पति अवध किशोर शर्मा व उनके बेटे मधुकर की भी इस वारदात में मौत के घाट उतार दिया था। चिंता देवी की तकरीबन पांच वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। मामले में कुल 67 लोग गवाह बने थे जिसमें से 32 ने सुनवाई के दौरान गवाही दे दी है। इस मामले में 17 साल के बाद कोर्ट ने दोषियों के विरुद्ध फैसला दिया।

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

loading...

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME