23 अगस्त, 2017
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पितृपक्ष आज से, पिंडदानियों के लिए सज-धज कर तैयार हैं विष्णुनगरी गया !

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गया, 15 सितम्बर। पितृपक्ष में पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ बिहार के गया आने वाले पिंडदानियों के लिए विष्णुनगरी गया सज-धज कर तैयार हो गई है। इस बार 15 सितम्बर गुरूवार यानी आज से ही पितृपक्ष शुरू हो रहा है। देश दुनिया से आने वाले पिंडदान करने वालों का यहां बेसबरी से इंताजार हो रहा है। कई लोग अपने पूर्वजों को पिंडदान करने के लिए यहां पहुंच भी गए हैं। यहां पर प्रशासन और गयापाल पंडा समाज के द्वारा तीर्थ नगरी गया में आने वाले लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। साथी ही इस बार फल्गु नदी में अधिक पानी होने के कारण जिला प्रशासन द्वारा अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को लेकर कई स्थानों पर खुले मैदान में तंबू लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु यहां रात गुजार सकें। पहले तो लोग फल्गु तट पर भी रात गुजार लेते थे। यहां हर साला 3 से 4 लाख लोग आते है। हम सभी जानते है कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं में पितरों की आत्मा की शांति एवं मुक्ति के लिए पिंडदान अहम कर्मकांड है। यह पिंडदान अश्विन मास के कृष्ण पक्ष को पितृपक्ष या महालय पक्ष कहा जाता है। हमारे पूर्वजों का कहना था कि पिंडदान करने से मृत आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। वैसे तो पिंडदान के लिए बहुज सारे जगह है पर उपयुक्त स्थल बिहार के गया को माना जाता है।

आपको बताते चले कि जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि अपने पितरों को मोक्ष दिलाने के उद्देश्य से यहां पितृपक्ष में बहुत सारे लोग आते हैं। प्रशासन आने वाले लोगों को हर सुविधा मुहैया कराने के लिए तैयार रहता है। उन्होंने बताया कि मेला में किसी तरह का लोगों को अगर कोई परेशानी होती है तो प्रशासन द्वारा एक कॉल सेंटर बनाया गया है। जिसमें हेल्पलाइन के नंबर पर परेशानी बताई जा सकती है। कॉल सेंटर में 24 घंटा पुलिस अधिकारयिों को तैनात किया गया है।

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