सवर्ण आरक्षण : नीतीश सरकार फरवरी में लाएगी बिल, विपक्ष भी कर रहा है तैयारी

nitish-kumar-tejshawi
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सेंट्रल डेस्क,साहुल पाण्डेय : गुजरात, यूपी और तेलंगना के बाद अब बिहार में भी आर्थिक रुप से पिछड़े सवर्णों को भी आरक्षण देने की पहल तेज हो चली है. बिहार सरकार जल्दी ही गरीब सवर्णों को आरक्षण देने जा रही है. बता दें कि इसके लिए नीतीश सरकार फरवरी में विधानमंडल सत्र के दौरान विधेयक लाएगी. इस बारे में मंलवार की शाम सीएम नीतीश कुमार ने 1,अणे मार्ग में राज्य सरकार की नौकरियों एवं शैक्षणिक संस्थानों में गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण का प्रावधान लागू करने के संदर्भ में उच्चस्तरीय विमर्श भी किया.

सीएम नीतीश कुमार के इस विमर्श में मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा उपस्थित रहे. विमर्श के क्रम में महाधिवक्ता ललित ने सीएम को इस आरक्षण के प्रावधानों को लागू करने को लेकर कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. इस दौरान यह निष्कर्ष सामने आया है कि सवर्णों के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू करने के लिए अलग से अधिनियम बनाना आवश्यक है. मुख्यमंत्री ने अधिनियम बनाने को लेकर अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन आमिर को निर्देशित किया है. सीएम ने इसे लेकर फरवरी के अंत तक काम को पूरा करने को कहा है.

विपक्ष भी कर रहा है तैयारी

11 फरवरी से शुरू होने जा रहे बिहार विधानसभा सत्र में नीतीश सरकार गरीब सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को लेकर प्रस्ताव पेश करेगी तो वहीं इस मुद्दे पर हंगामे के हालात बनते भी दिख रहे हैं. बिहार में मुख्य विपक्षी दल राजद ने इसका विरोध करने का फैसला लिया है. सूत्रों की माने तो विपक्षी दल राजद विधानसभा में इस प्रस्ताव का विरोध करने की पूरी तैयारी कर रहा है.

बिहार में सवर्ण आरक्षण कानून पर राजद प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा कि राजद सवर्ण आरक्षण के विरोध में नहीं है. लेकिन सरकार को बिल से पहले आयोग बनाकर राय लेनी चाहिए थी. राजद नेता ने कहा कि सरकार ने ये बिल आनन-फानन में लाया है. इस बिल को लेकर पार्टी का फैसला विधायक दल की बैठक में होगा. भाई वीरेंद्र ने फिर से कहा कि सरकार सवर्णों को बेवकूफ बना रही है और एक बार फिर से जुमला सुना रही है.