23 अगस्त, 2017
To Advertise on this Website call Us on 9155705448, 8130906081
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

शहाबुद्दीन की रिहाई पर महागठबंधन में दौड़ी खुशी की लहर, जश्ने रिहाई काफिला में शामिल होंगे नीतीश के चार मंत्री

sahabuddin-lalu

File photo

पटना, 9 सितम्बर। हाईप्रोफाइल क्रिमिनल शहाबुद्दीन की रिहाई से महागठबंधन में खुशी की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि जेल गेट पर शहाबुद्दीन का स्वागत करने नीतीश कैबिनेट के कई मंत्री सदेह उपस्थित होंगे। इतना ही नहीं इस अवसर पर आयोजित होने वाली विशाल काफिला में भी भाग लेंगे। आपको बताते चले कि मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार इस विशाल काफिला में 4 मंत्री, 30 सरकारी गठबंधन के विधायक, 1300 गाड़िया शामिल होगी।

इस मामले में वरष्ठि पत्रकार पुष्यमित्र कहते हैं कि सुनने में भले अजीब लगे लेकिन यह सच है। जी हाँ, बिहार सरकार के हिसाब से शहाबुद्दीन ए टाइप के क्रिमिनल हैं। मतलब सरकार मानती है कि ये सुधर नहीं सकते। मगर इससे क्या फर्क पड़ता है। कम से कम सरकार के 4 मंत्रियों को तो कोई फर्क नहीं पड़ता। वे उनकी जय जयकार करने के लिए उस काफिले में होंगे। अब बस इसी बात से बिहार के राजनीतिक हलके में शहाबुद्दीन की हैसियत को समझ लीजिये।
हैरत होती है, कैसे इस व्यक्ति को 11 साल तक जेल में रखा गया? यह एक बड़ी राजनीतिक इच्छाशक्ति का नतीजा था। क्या वक्त था जब एक डीएसपी ने जेल में घुस कर इस खूंखार जानवर की पिटाई की थी। मगर अब? अब क्या यह सब मुमकिन है? सरकार के मुंह से वकार नहीं फूट रहा है। बड़े सरकार ने अपने बाघ को आजाद करा लिया है। सीवान के लोग अपने घर की सिटकिनी ठीक करा रहे हैं। दरवाजे पर ग्रिल लगवा रहे हैं। सत्यानन्द निरुपम भाई ने कहा है हम सब सीवानवासियों को ही जेल में डाल दें। कम से कम वहां तो सुरक्षित रहेंगे।

सवेरे चंदा बाबू से बातचीत हुई। कह रहे थे, अब लड़ के भी क्या करना है। मेरा मरना तो तय है। ठीक भी है। जीकर भी क्या कर रहे हैं। एक 70 साल का बुजुर्ग इस बुढ़ापे में अपने अपाहिज बेटे और बीमार पत्नी की सेवा करने को विवश है। उनके लिए खाना पकाना, उन्हें नहलाना टॉयलेट ले जाना। सब चंदा बाबू को ही करना है। ऐसे में वे कितनी लड़ाईयां लड़ें। वे सीवान में टिके हैं यही बहुत है। यह जरूर है कि इतनी हत्याओं के बाद उनके मन से मौत का भय खत्म हो गया है। मगर हमें दुःख होता है। न्याय को इतना असहाय होता देखा नहीं जाता। इतना मौन है कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं।

ये भी पढे़ं:-   नीतीश को लेकर लालू ने दिया ऐसा बयान की कई लोगों की बोलती बंद हो जाएगी !

सरकार से लेकर मीडिया तक। प्राइम टाइम से लेकर डीएनए तक। विपक्ष भी मिमिया रहा है। बीजेपी का विरोध डबल कॉलम और वामदलों का विरोध सिंगल कॉलम रह गया है। पत्रकार भी राजबीर रंजन का अंजाम देखकर सशंकित हैं। फेसबुक पर लिखते हुए भी संशय होता है। बस इतना ही सुकून है कि जश्न की खबरों से परहेज किया जा रहा है।

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें  

 
 

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

loading...

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME