30 अप्रैल, 2017
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वैशाली: शहीद के अंतिम संस्कार में उमड़ा जन सैलाब; लोगों ने नम आँखों से दिया श्रधांजलि

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विनय कुमार की रिपोर्ट

वैशाली, 31 अक्टूबर। बिहार का एक और लाल देश के लिए कुर्बान हो गया। वैशाली जिले के चकहाजी गाँव के रहने वाले राजीव राय का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गाँव में पहुँचते ही लोगो का हुजूम उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। क्या बच्चे क्या जवान और क्या बूढ़े सभी अपने वीर सपूत की एक झलक पाने के लिए व्याकुल दिखे। शहीद राजीव के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ को देखते हुए वैशाली प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल उनके घर पर तैनात कर दिया था। घर के सामने शहीद राजीव का पोस्टर लगा कर एक छोटा सा मंच बनाया गया था। पार्थिव शरीर पहुचने के बाद सेना के जवानों ने अपने शहीद दोस्त को कंधा लगा कर मंच पर पहुँचाया। जहां सबसे पहले शहीद के पार्थिव शरीर को शहीद की पत्नी संगीत देवी और उनके तीन बच्चों को दर्शन कराया गया। अपने पति का शव देखते ही शहीद की पत्नी ताबूत पकड़ कर फुट फुट कर रोने लगी। वही बेटी श्रुति और शिवानी और बेटा सत्यजीत राय का रो रो के बुरा हाल था। शहीद के पिता मधुसुदन राय को अपने बेटे के शहादत पर ख़ुशी और गर्व है। जबकि पत्नी संगीत देवी को अपने बच्चो के साथ आगे की जिंदगी की चिंता है।
वैशाली की डीएम रचना पाटिल और एसपी राकेश कुमार शहीद के घर पहुंचे। उन्होंने शहीद के परिजनों को इस दुःख की घडी में ढांढस देते हुए कहा की इस दुःख की घडी में हम साथ हैं। सरकार की तरफ से जो कुछ भी मिलेगा वो आप तक पहुँचाया जायेगा। शहीद के परिजनों को सरकार की तरफ से ग्यारह लाख देने की घोषणा की गई है। अंतिम संस्कार के लिए चक हाजी गाँव से पार्थिव शरीर को हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट लाने के दौरान रास्ते में स्कूली बच्चों और लोगो ने शहीद को अपने . अपने तरीके से सम्मान और श्रद्धांजलि दी। सड़क के किनारे कतारबद्ध खड़े स्कूली बच्चों ने बैंड बाजे की धुन और पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी। वहीं ग्रामीणों ने राजीव राय अमर रहे के जय घोष से शहीद के पार्थिव शरीर को सम्मान दिया। आपको बता दें की वैशाली जिले के तिसिऔता थाना के चक हाजी गाव के रहने वाले किसान मधुसुदन राय के तीन बेटे हैं। जिसमे दो बेटे फ़ौज में हैं। एक घर पर रह कर खेती बारी करता है। 28 अक्टूबर को राजीव कश्मीर के उधमपुर स्थित बीएसएफ के बेस कैम्प से पोस्ट पर लगे ड्यूटी पर जा रहे थे। तभी दुश्मन की 4 गोलिया उनके सिने में जा लगीए तक़रीबन 8 घंटा मौत से जूझते हुए इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। कौनहारा घाट पर शहीद राजीव को दस वर्षीय इकलौता पुत्र सत्यजीत राय ने मुखाग्नि दिया। अंतिम संस्कार के दौरान बिहार के सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ए जिले के कई विधायक और गणमान्य लोग शामिल थे।

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