10, Dec, 2016
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जरा ये भी पढ़िए… ‘शराबबंदी’ वाले नीतीश राज में 41 परिवारों की हो गई ‘अनाजबंदी’

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बिकास झा की रिपोर्ट
मधुबनी, 03 अक्टूबर : दुर्गा पूजा बीत रहा है, दीवाली भी बीत जाएगी लेकिन पिछले बार की तरह ही इस बार भी घर में ख़ुशी नहीं होगी.. पापा फिर से बिना मिठाई के घर आयेंगे। कुछ इसी तरह का ख्याल उन बेटे-बेटियों के जेहन में आ रहा होगा जिनके पिता कहने के लिए तो कॉलेज में कर्मचारी है लेकिन पापा के पास उतने पैसे नहीं है की अपना घर और परिवार चला सकें।

यह वाकया बिहार के मधुबनी जिले अंतर्गत उच्चैठ के कालिदास विद्यापति साइंस कॉलेज का है जो की ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय के अधीन है। जहां वर्ष 2012 के अगस्त महीने में 41 कर्मियों की नियुक्ति की गई थी। शुरुआत के कुछ महीनों में वेतन दिया भी गया, लेकिन अब आलम यह है की 2012 में नियुक्त हुए 41 कर्मियों को 38 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। जिनमें पैसे के अभाव में कॉलेज कर्मी जीवछ यादव की मृत्यु भी हो चुकी है। वहीं कॉलेज कर्मी राम एकबाल यादव और मनोज कुमार चौधरी कई महीनों से बीमार है, जिनका इलाज पैसे की तंगी के कारण नहीं हो पा रहा है। वेतन की आस में 5 कॉलेज कर्मी रिटायर्ड भी हो चुके है। बांकी बचे कर्मियों की आर्थिक तंगी ऐसी हो गई है की पर्व-त्यौहार भी आम दिनों की तरह ही बीतता है। त्योहारों में भी घर के लिए अनाज भी लाना मुश्किल हो गया है।

न्यूज़ ऑफ़ बिहार को मिली जानकारी के अनुसार इस संदर्भ में विभागीय अनुशंसा के वाबजूद भी ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय की लेट-लतीफी के कारण इन कर्मियों की वेतन का भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। विभाग द्वारा जून 2015 में ही विश्विद्यालय को वेतन निर्गत करने के संदर्भ में चिट्ठी भेजा गया था लेकिन इतने महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक विश्विद्यालय द्वारा जवाब नहीं भेजा गया है।

कॉलेज के कर्मी बताते है जबसे वेतन बंद हुआ है तब से कुछ दिनों तक तो घर-परिवार चलाने के लिए कर्ज का सहारा था लेकिन अब दुकानदार भी उधारी देने से मना कर रहे है। ऐसे में कर्मियों की हालत कुछ ऐसी हो गई है की रोजगार रहते हुए भी बेरोजगारों की तरह जिन्दगी जीने पर विवश हैं। अब देखने वाली बात यह होगी की शिक्षा विभाग के बेहतरी को लेकर ‘अपने मुंह मिया मिट्टठु’ बनने वाले और शराबबंदी के लिए अलग-अलग राज्य में जाकर वाहवाही लुटने वाले मुख्यमंत्री नितीश कुमार की सरकार में शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण जिन 41 परिवारों में 3 साल से अधिक से अनाजबंदी की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। उनके लिए सरकार क्या ठोस कदम उठाती है।

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2 विचार साझा हुआ “जरा ये भी पढ़िए… ‘शराबबंदी’ वाले नीतीश राज में 41 परिवारों की हो गई ‘अनाजबंदी’” पर

  1. unknown October 3, 2016

    Ghotala hua tha Bharti m isiliye band h Salary….

  2. Alok October 15, 2016

    Hello

    I think you are spreading negative news of Bihar. I can’t see any good news of bihar.

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    See these all news, Its shows that no one is doing good work in Bihar. You can show you how preparation is going for chhath and Diwali. there is lot of stuff you have show them.

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