27 जुलाई, 2017
To Advertise on this Website call Us on 9155705448, 8130906081
ब्रेकिंग न्यूज़

NEWS OF BIHAR

भैयादूज पर बहन ने भाई को दिया ऐसा उपहार कि जानकार रो देंगे आप

jkhjlijli

न्यूज ऑफ़ बिहार डेस्क

पूर्णिया, 03 नवम्बर। ‘चंदा रे मेरे भैया से कहना बहना याद करे’। चम्बल की कसम फिल्म का यह गाना भाई-बहन के प्रेम को बखूबी बयान करता है। कहते हैं रेशम के नर्म धागों से बंधे इस बंधन से मजबूत बंधन कोई नहीं होता। भाई-बहन के इसी प्रेम का एक उदहारण देखने को मिला बिहार के पूर्णिया में, जहाँ छोटे भाई के सदमे में बहन की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है की शनिवार को हुई भाई की मौत के बाद बी ए की छात्रा रही बहन ने खाना पीना छोड़ दिया था। भाई के मौत से बहन को इतना दुःख हुआ की वह सबकुछ भूल गयी। हालत ख़राब होने पर लड़की को इलाज के लिए पी एम सी एच में भर्ती कराया गया। भैयादूज के दिन देर रात भाई को याद करते करते बहन ने भी दम तोड़ दिया।
आपको बता दें की पूर्णिया जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की दूरी पर है भोला-बाड़ी गांव। इसी गांव के एक मीडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखने वाले इंदिरानंद चौधरी और उनकी पत्नी हेमा देवी ने, बड़ी बेटी 22 साल की ज्योति को शहर भेज बीए तक पढ़ाया था। एक माह पहले गांव के स्कूल से पढ़ कर आने के बाद, इंदिरानंद के 10 साल के बेटे सोनू कुमार घर से साइकिल निकाल कर चौक पर जा रहे था। घर से मात्र कुछ दूरी पर जाने के बाद सोनू साइकिल से गिर गया और उसके पेट में चोट लग गई। सभी जगह इलाज कराने के बाद उसे पिछले सोमवार को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम ने शुक्रवार को उसके पेट का ऑपरेशन किया, लेकिन ऑपरेशन के 12 घंटे बाद ही सोनू की मौत पीएमसीएच में ही हो गई।
भाई को अपने जान से ज्यादा प्रेम करने वाली बहन को भाई की मौत से ऐसा सदमा लगा कि भैयादूज के दिन उसने भी मौत को गले लगा लिया। एक सप्ताह के अन्दर एक ही घर में दो मौतों के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूर्णिया का बच्चा बच्चा आज बहन ज्योति और भाई सोनू के अद्भुत प्रेम की कहानी को याद कर रहा है। वहीं ज्योति बेहोशी में भी बार बार भाई का नाम ले रही थी।
सोनू का दाह संस्कार शनिवार को गाँव लाकर किया गया। भाई की लाश देखते ही ज्योति ने सुध-बुध खो दिया। शनिवार से ही ज्योति ने खाना पीना छोड़ दिया था। तीन दिन भूखे-प्यासे रहने के कारण ज्योति की हालत बिगड़ गई। भैयादूज के दिन वह काफी परेशान थी। बार बार सोनू का नाम लेकर बेहोश हो जाती थी और देर रात उसने अपने प्राण त्याग दिए।गांव में इकलौती पढ़ी-लिखी लड़की थी ज्योति।ज्योति के चाचा मनोज कुमार चौधरी राजीगंज पंचायत के वर्तमान में मुखिया हैं।
उन्होंने बताया कि इस गांव की इकलौती पढ़ी-लिखी लड़की थी ज्योति। घर का सभी काम वो करती थी। सोनू से उसे बहुत लगाव था। उसके बिना वो एक पल भी नहीं रहती थी। वो भी स्कूल जाने तक ही ज्योति से अलग रहता था। हमेशा दोनों साथ मिल कर कभी बाजार का काम तो कभी घर का काम करते थे। सोनू के कहीं जाते ही वो परेशान हो जाती थी। यही प्यार उसके अंत का कारण भी बना।

ये भी पढे़ं:-   लालू-नीतीश घूम घूम कर कब बोलेंगे 'तलाक तलाक तलाक' के बारे में..

newsofbihar.com की ख़बरें अपने न्यूज़फीड में पढ़ने के लिए पेज like करें

loading...

अपने विचार साझा करें

आवश्यक लिखें चिह्नित:*

Powered By Indic IME