29 मई, 2017
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मैकेनिकल हेडफोन का अविष्कार कर बिहार के लाल ने बनाया विश्व रिकॉर्ड !

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newsofbihar.com डेस्क, 11 अक्टूबर। जो लोग ऐसा मानकर चल रहे हैं कि बिहार का इतिहास तो गौरवशाली रहा है लेकिन वर्तमान प्रभावशाली नहीं है तो उनलोगों को ये खबर जरूर पढ़ना चाहिए। बिहार की धरती ने प्राचीन काल में भी अनेक प्रतिभाशाली विद्वाणों को जन्म दिया है और वर्तमान समय में भी कई ऐसे होनहार हैं जो संपूर्ण विश्व में भारत का मान-सम्मान बढाने का काम कर रहे हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी शख्सियत के बारे में जिन्होंने एक रिकॉर्ड समय में ठोस माध्यम में ध्वनि संचरण की गति के सिद्धांत के आधार पर एक मैकेनिकल हैडफ़ोन का निर्माण किया जो किसी बिना किसी इलेक्ट्रोनिक सिग्नल या बैट्री के काम करती है.
महज २० मिनट में इस उपकरण को बना कर उपयोग किये जाने के स्वरुप में समक्ष कर देने के लिए इनका नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स और लिम्का बुक ऑफ़ नेशनल रिकार्ड्स में दर्ज किया गया है। बिहार के दरभंगा जिले के लहेरियासराय के कबिलपुर गांव के रहने वाले सुभाष चंद्र झा की उपलब्धि पर आज पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है।

क्या है मैकेनिकल हेडफोन की खासियत?
मैकेनिकल हेडफोन का कॉन्सेप्ट पहली बार दुनिया के सामने लाया है सुभाष झा ने। इस उपकरण का मुख्य उपयोग स्कूली छात्रों द्वारा एक वैज्ञानिक उपकरण के तौर पर किया जा सकता है।


सुभाष अपने बचपन के दिनों से ही वैज्ञानिक खेलों और उपकरणों से तरह तरह का साामान बना बना कर अपना और अपने सहपाठी मित्रों को विस्मित और प्रेरित किया करते थे।

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शिक्षा और पढ़ाई लिखाई के प्रति समाज का परम्परागत नजरिया महज एक नौकरी प्राप्त कर लेने तक सिमित हो कर रह गया है. इस सोच के प्रति सुभाष का दृष्टिकोण बहुत स्पष्ट और प्रेरक है की हमे शिक्षा को अपने सामान्य जीवन में सिद्धांतिक मात्र न रखते हुए प्रायोगिक होना चाहिए। स्कूली पाठ्यक्रम के विषयों के सिद्धांत और सूत्रों को महज कंठस्थ करने के बजाय उनके मूलभूत आधार को समझने का प्रयास हो और उन सिधान्तों को प्रायोगिक कौशल का आधार बनाने से हम और ज्यादा विकसित और प्रबुद्ध युवा पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं।
वर्तमान में सुभाष कुरुक्षेत्र में क्रिएटिव डिज़ाइन इंजीनियर के तौर पर स्वतंत्र रूप से अपना उपक्रम स्थापित कर रहे हैं और अपने हुनर और कला को और मजबूत तरीके से सबके समक्ष करने के लिए प्रयासरत हैं।
newsofbihar.com की टीम सुभाष को इस उपलब्धि पर शुभकामना देते हुए उनके सुनहरे भविष्य की कामना करती है।

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ऐक विचार साझा हुआ “मैकेनिकल हेडफोन का अविष्कार कर बिहार के लाल ने बनाया विश्व रिकॉर्ड !” पर

  1. प्रो.अमर सिंह October 11, 2016

    सीतामढी जिला के रीगा में शांतिपूर्वक मूर्तियों का भसान हो रही है और चौकी भी सद्भाव पूर्वक निकाली जा रही है। किसी तरह के अफवाह पर विश्वास नहीं करे!

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