03, Dec, 2016
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बिहार : ताड़ी और गांजा से हटेगा प्रतिबंध!

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नए कानून की खास बातें
-घर में शराब पीने दी तो दस लाख जुर्माना व उम्रकैद।
-परिवार के सदस्य ने घर में शराब रखा तो दस वर्षो तक की कैद।
-घर में शराब पीने की जानकारी नहीं देने पर सभी वयस्कों पर होगा मुकदमा।

क्या कहा सीएम नीतीश ने
-सीएम ने कहा नए कानून के बारे में फैलाई गई भ्रांति।
-शराबबंदी पर मोहन भागवत अपना स्टैंड स्पष्ट करें।
-दो बार हुआ मत विभाजन, नाराज भाजपाइयों ने किया राजभवन मार्च।

पटना, 2 अगस्त। शराबबंदी के लिए बने नए विधेयक को सोमवार को विधानसभा ने मंजूरी प्रदान कर दी। इसके साथ ही बीते मार्च में लाया गया शराबबंदी विधेयक निरस्त हो गया। सरकार का पक्ष रखते हुए
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी के प्रति अपना संकल्प दोहराया और कहा कि इस विधेयक को लेकर भ्रांतियां फैलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ताड़ी और भांग से सरकार प्रतिबंध हटाएगी और इसके लिए सरकारी आदेश जारी किए जाएंगे। बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद विधेयक-2016 पर सदन में करीब चार
घंटे तक चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा की ओर से कई संशोधन प्रस्ताव आए लेकिन सभी नामंजूर हो गए।
संशोधन प्रस्ताव पर सदन में दो बार वोटिंग भी हुई। नाराज भाजपा सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया और फिर राजभवन तक मार्च किया। नेता प्रतिपक्ष डा. प्रेम कुमार और वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों ने नए कानून के संबंध में अपनी आपत्तियों से राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अवगत कराया। डा. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्यपाल ने आश्वस्त किया है कि पूरे विषय पर वह विधि सम्मत रूप से राज्य सरकार से बात करेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में विधेयक पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इसमें सजा के वही प्रावधान हैं जो मार्च में पारित विधेयक में शामिल थे। बल्कि सजा के तीन प्रावधानों को कम कर दिया गया है। इसके अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपने घर में शराब पीने की अनुमति देता है या फिर उक्त परिसर में शराब पीकर कोई हिंसा करता है तो घर के मालिक को कम से कम दस वर्ष या फिर इसे बढ़ाकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति किसी जगह शराब का उपभोग करते पकड़ा जाएगा तो उसे कम से कम पांच वर्ष की सजा होगी। सात वर्ष की सजा भी हो सकती है। यही नहीं उसे कम से कम एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा। ’शराब का प्रचार-प्रसार करने या फिर उसके विज्ञापन को प्रकाशित करने पर न्यूनतम तीन वर्ष की सजा होगी और इसे बढ़ाकर पांच वर्ष किया जा सकेगा। दस लाख तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। पुलिसिया राज को बढ़ावा देने के विपक्ष के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरूपयोग करने वाले उत्पाद या पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को तीन साल तक की सजा एवं एक लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान किया गया है। पहले के कानून में मात्र तीन महीने जेल एवं दस हजार रुपये दंड का ही प्रावधान था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ताड़ के पेड़ से नीरा निकाल विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसकी तैयारी में कुछ समय लगेगा और तैयारी पूरी नहीं होने तक ताड़ी पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। अगले वर्ष बैसाख तक नीरा से गुड़, पेड़ा, आइसक्रीम सहित अनेक उत्पाद बनाने की तैयारी पूरी कर लेने का लक्ष्य है। वहीं, भांग के संबंध में उन्होंने कहा कि अगर जानबूझ कर कोई इसकी खेती करेगा तो वह सजा का हकदार होगा। भांग तो खेतों में हालांकि खरपतवार के रूप में उग जाता है। शराबबंदी के नए कानून को दोनों सदनों की मंजूरी के बाद जब राज्यपाल की स्वीकृति मिल जाएगी तब इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इस नोटिफिकेशन के बाद ताड़ी एवं भांग पर छूट के संबंध में सरकारी आदेश जारी किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने शराबबंदी को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत शराबबंदी पर अपना स्टैंड स्पष्ट करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी एक बार फिर निशाना साधा। कहा कि गुजरात में शराबबंदी है और वह वहां 12 साल तक मुख्यमंत्री रहे। मेरा मानना है कि वह शराबबंदी के पक्षधर हैं इसी कारण वहां शराबबंदी जारी रही। अब इसे देश में भी लागू करें। हमने हिम्मत कर शराबमुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया है। आरंभ में भाजपा के नंदकिशोर यादव ने कहा कि डंडे के जोर पर नशे की लत को दूर नहीं किया जा सकता।

भाजपा शराबबंदी का समर्थन करती है पर इससे जुड़े कानून में ऐसे नियम बनाए गए हैं जो स्वीकार्य नहीं है। नीतीश कुमार इसे राजनीतिक हथकंडे के रूप में अपना रहे हैं। यह कैसा कानून है जिसमें शराब कोई पिए और सजा किसी और को मिले।

घर में शराब मिली तो दस वर्षो की जेल और दस लाख का जुर्माना
घर में शराब जिसे नये कानून में मादक द्रव्य कहा गया है, के मिलने पर भी कड़ी सजा होगी। इस मामले में यह स्पष्ट किया गया है कि लोगों को पता है कि शराब का आयात, वहन और विनिर्माण अवैध है। इसके बावजूद वह इसे रखते हैं तो सजा होगी। ऐसा परिसर जहां किसी वैध प्राधिकार की अनुमति के शराब रखा गया है और इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी जाती है तो ऐसी स्थिति में कम से कम आठ वर्षो की सजा होगी, जिसे बढ़ाकर दस वर्ष तक किया जा सकता है। यही नहीं संबंधित व्यक्ति को दस लाख रुपये तक का जुर्माना भी देना होगा। विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि शराब घर या परिसर में रखने की बात को यह समझा जाए कि किसी परिवार के सदस्य द्वारा यह रखा गया है तो इसकी जानकारी परिवार के सदस्यों को रखनी है। यह बहाना नहीं चलेगा कि शराब उसके कब्जे में नहीं थी। चाहे शराब स्वयं के कब्जे में हो अथवा परिवार के किसी दूसरे सदस्य के कब्जे में हो। पकड़े गए तो हर हाल में कार्रवाई होगी।

शराब के प्रचार- प्रसार पर तीन साल की कैद रू शराब का प्रचार-प्रसार करने या फिर उसके विज्ञापन को प्रकाशित करने पर न्यूनत़म तीन वर्ष की सजा होगी और इसे बढ़ाकर पांच वर्ष किया जा सकेगा। दस लाख तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।

महिलाओं या नाबालिग को धंधे में लगाया तो उम्रकैद

नये कानून में यह प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों या फिर महिलाओं को शराब के धंधे में लगाता है, उनसे शराब बिकवाता है, शराब बिक्री के लिए प्रलोभन देता है तो दोषी व्यक्ति को न्यूनतम दस वर्ष और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। एक लाख रुपये से दस लाख रुपये तक जुर्माना भी देना पड़ेगा।
घर में शराब पीने की जानकारी नहीं दी तो सभी वयस्कों पर मुकदमा रू घर में शराब रखी हुई है या फिर पी जा रही है इसकी जानकारी निकटतम उत्पाद अधिकारी को नहीं देने पर घर के सभी वयस्क जिनकी उम्र अठारह वर्ष से अधिक है पर मुकदमा चलाया जाएगा। नये अधिनियम की धारा 30 और 64 के तहत मुकदमा होगा। इसमें सामूहिक जुर्माना का भी प्रावधान है।

गांव पर भी सामूहिक जुर्माना का प्रावधान
अगर किसी गांव या शहर का कोई समूह या समुदाय विशेष शराबबंदी के इस नए कानून को लागू कराने में अड़ंगा उत्पन्न करता है तो ऐसे गांव या शहर के समूह पर सामूहिक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
साभार: जागरण

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2 विचार साझा हुआ “बिहार : ताड़ी और गांजा से हटेगा प्रतिबंध!” पर

  1. manish kumar August 2, 2016

    mulla nitish ben laden aakhiri kuch samay bacha hai tumhare pas bihar to taliban banane chale ho khud daru me mil jaaoge kyunki tumhe is desh ki mitti bhi naseeb nahi hogi

  2. nazim August 2, 2016

    sharab band hi rahna chahiye

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