29 अप्रैल, 2017
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‘डील’ डन ! टॉपर्स की सेटिंग ऐसी…भूस्कौल राहुल करने लगा ‘राज’ ?

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पटना, 4 अगस्त। बिहार इंटर टापर्स स्कैम मामले में बुधवार को सांइस के तीसरे टाॅपर राहुल राज की गिरफ्तारी के बाद एक नया खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि राहुल राज ने पुलिस केे सामने स्वीकार किया है कि उसने टापर्स बनने के लिए बच्चा राय को पांच लाख रूपए दिए थे। प्रथम किस्त के रूप में ढ़ाई लाख रूपए का लेन देन किया गया था।

राहुल ने बताया कि उसने खुद बच्चा राय से सौदा किया था। फोन पर हुई बातचीत में बच्चा ने टॉपर बनाने के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे। इस पर राहुल ने कहा कि उसे प्रथम स्थान नहीं, बल्कि टॉप 20 में जगह चाहिए, जिसके बाद 2.5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। राहुल ने परीक्षा से पूर्व बच्चा को एक लाख रुपये दिए थे और परीक्षा समाप्त होने के बाद बाकी रकम दे दी।

बताते चले कि बोर्ड ने इस स्कैम के बाद सभी टाॅपरो के साथ राहुल कुमार का रिजल्ट रद्द कर दिया था। एसआईटी की प्राथमिकी में सौरभ श्रेष्ठ को इंटर साइंस का सेंकेंड टॉपर और राहुल कुमार को चतुर्थ टॉपर बताया गया था। साइंस की टॉप-10 मेधा सूची में शामिल राहुल बच्चा राय के कॉलेज वीआर
कॉलेज, कीरतपुर, भगवानपुर, वैशाली का छात्र था. विवाद के बाद बिहार बोर्ड के रिजल्ट वेबसाइट पर से सौरभ श्रेष्ठ व राहुल कुमार के साथ ही शालिनी रॉय के मार्क्सशीट से उनके सभी विषयों के अंक हटा दिये गये थे।

दोस्तों की सलाह पर बच्चा से मिला
राहुल ने बताया कि उसकी जन्मतिथि 12 अक्टूबर 1996 है। उसने वर्ष 2012 में मुजफ्फरपुर के डीएसपी स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की थी। उसे एनआइटी में दाखिला लेने के लिए अच्छे अंक की जरूरत थी। इसी बीच उसके दोस्तों ने विशुन राय कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात करने की सलाह दी। बताया कि इस कॉलेज के प्राचार्य ने कई छात्रों से रुपये लेकर अच्छे अंक दिलाए हैं।

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दाखिला के वक्त दिए थे 10 हजार
राहुल ने वर्ष 2014 में वीआर कॉलेज में नामांकन के वक्त उसने दस हजार रुपये जमा किए थे। प्रैक्टिकल के लिए उससे अलग से पांच हजार रुपये लिए गए। बारहवीं में पंजीयन कराने के लिए उसने फिर पांच हजार रुपये दिए। परीक्षा से दो माह पहले बच्चा ने टॉपर बनाने की राशि मांगी थी। उससे कहा गया था कि इंटर की परीक्षा में उन्हीं प्रश्नों को हल करना, जिनके जवाब तुम्हें मालूम हो। राहुल ने अपने पिता को निर्दोेष बताया है।

क्या कहते है एसएसपी मनु महराज
-राहुल ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि टॉपर बनाने के लिए पांच लाख रुपए में डील हुई थी।
-संभव है उसके पिता की गिरफ्तारी।

एनआइटी में दाखिला चाहता था राहुल राज
राहुल कुमार एनआइटी में एडमिशन लेना चाहता था। इस लिए वह इंटर साइंस का टॉपर बनना चाहता था। टॉप 20 में नाम आने के बाद और जेईई के अंक मिलाकर उसका देश के किसी एनआइटी में आसानी से नामांकन हो जाता। यही वजह थी कि उसने कॉलेज के संचालक सह प्राचार्य अमित कुमार उर्फ बच्चा राय से टॉपर बनने के लिए सौदा किया। ये बातें इंटर साइंस के तृतीय फर्जी टॉपर राहुल कुमार ने गिरफ्तार के बाद बुधवार को पुलिस की पूछताछ में कही।

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