29 मार्च, 2017
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हिन्दू मुस्लिम एकता की प्रतीक है छठ पूजा करने वाली यह मुस्लिम महिला

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पटना, 3 नवंम्बर। वीरचंद पटेल पथ के कमला नेहरू नगर में रहने वाली मुस्लिम महिला मुस्तकीमा खातून छठ पर्व के प्रति अपनी आस्था के जरिए धार्मिक सद‌्भाव की भी मिसाल पेश कर रही हैं। मुस्तकीमा खातून छठ से एक महीने पहले से ही खाने में प्याज-लहसुन नहीं खाती हैं। हरेक छठ पर्व में मुस्तकीमा खातुन किसी भी व्रती को सूप देकर छठी मइया का आशीर्वाद लेती हैं। इतना ही नहीं वह व्रत करने वाली औरतों की मदद भी करती हैं। साथ ही छठ घाट तक सामान ले जाने के लिए अपना ठेला भी देती हैं। इस तरह का काम वह 10 सालों से करती आ रही हैं।

आपको बताते चलें कि सबसे खास बात तो यह है कि यह मुस्लिम महिला छठ में प्रसाद बनाने के काम में आने वाले मिट्टी का चूल्हा बनाकर बेचती हैं। हिन्दू महिलाओं को उनके द्वारा बनाया गया मिटटी का चूल्हा बहुत पसंद है। मुस्तकीमा खातून बताती है कि चूल्हे बनाने के लिए वो पुनपुन नदी के किनारे से मिट्टी लाती हैं। इसे वीरचंद पटेल पथ के फुटपाथों के किनारे गिराया जाता है। छठ पूजा से कुछ दिन पहले से ही चूल्हा बनाने का काम शुरू हो जाता है और छठ के कुछ दिन पहले से लेकर खरना तक इनकी बिक्री होती है। एक चूल्हा 50-60 रुपए में बिकता है और इस पर्व में पांच से छह हजार रुपए कमाई हो जाती है। मिट्टी का चूल्हा बनाने में उनकी बहू नजमा खातून भी सहयोग करती हैं। साथ ही मुस्तकीमा खातून कहती हैं मेरे पति मो. असलम चमड़ा गोदाम में काम करते हैं और ठेला भी चलाते हैं। पर छठ पर्व के दौरान वे मेरे काम में पुरा मदद करते हैं। मेरे बेटे मो. इकबाल को सफेद दाग हो गया था। उस समय छठ पर्व का समय चल रहा था। उसी समय मुझे लोगों ने कहा कि सूप देकर अर्घ्य दिलवा दिजिऐ। छठी मईया सबकी विनती सुनते है। मैं यह काम पांच साल से कर रही हुं। इस बार पांच सूप देकर अर्घ्य दिलवाने की तैयारी है।

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